Skip to content
चन्द्रगुप्त द्वितीय कौन था ?
- चन्द्रगुप्त द्वितीय (Chandragupta Maurya) भारत के गुप्त वंश के महानतम और सर्वाधिक शक्तिशाली सम्राट थे। शक-विजय के पश्चात् चंद्रगुप्त द्वितीय ने ’विक्रमादित्य’ की उपाधि धारण की। वह उत्तरी भारत में गुप्त साम्राज्य के सबसे शक्तिशाली सम्राटों में से एक था।
- चन्द्रगुप्त द्वितीय समुद्रगुप्त का पुत्र था। उसका नाम देवराज तथा देवगुप्त भी मिलता है।
- चन्द्रगुप्त द्वितीय का शासनकाल 380 ई. से 412 ई. तक माना जाता है।
- उसने अपने साम्राज्य को विवाह सम्बन्धों और विजयों द्वारा बढ़ाया। उसने अपनी पुत्री प्रभावती का विवाह वाकाटक राजा रुद्रसेन से किया, जिसकी मृत्यु के पश्चात् प्रभावती अपने छोटे पुत्र को गद्दी पर बैठाकर राज्य की वास्तविक शासक बन गई।
- चन्द्रगुप्त द्वितीय ने पश्चिम मालवा व गुजरात को भी जीता। उज्जैन को उसने अपनी द्वितीय राजधानी बनाया।