Last Updated on June 26, 2025 by KevalKrishan
आज के आर्टिकल में हम राजस्थान की अंत: प्रवाही नदी घग्घर नदी(Ghaggar Nadi) के बारे में विस्तार से जानकरी देंगे।
घग्घर नदी – Ghaggar Nadi

| उपनाम | प्राचीन सरस्वती, द्वषद्वती, मृत, सोतर, वाहिद/लेटी, नट, नाली, राजस्थान का शोक, ब्रह्मवर्त |
| उद्गम | शिवालिक पर्वत श्रेणी, कालका माता का मंदिर (हिमाचल प्रदेश) |
| राजस्थान में प्रवेश | टिब्बी तहसील, तलवाड़ा गाँव (हनुमानगढ़) |
| प्रवाह क्षेत्र | हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान |
| राजस्थान में प्रवाह क्षेत्र | श्री गंगानगर, हनुमानगढ़ और अनूपगढ़ |
| कुल लम्बाई | 465 किमी. |
| राजस्थान में लम्बाई | 100 किमी. |
घग्घर नदी से संबंधित महत्त्वपूर्ण तथ्य –
- घग्घर नदी राजस्थान की अन्तःप्रवाह नदी है।
- सरस्वती नदी के पाट पर बहने के कारण घग्घर नदी को हनुमानगढ़ में ’नाली’ कहा जाता है।
- यह नदी उद्गम स्थल पर कभी विलुप्त व कभी प्रवाहित होने लगती है, इसलिए इसे ’नट/नटखट’ के नाम से जाना जाता है।
- भटनेर के मैदान में विलुप्त होने के कारण इसे ’मृत नदी’ कहते है।
- पाकिस्तान में इस नदी का बहाव क्षेत्र को ’हकरा’ कहलाता है।
- घग्घर नदी का उद्गम हिमाचल प्रदेश की शिवाालिक या कालका पहाड़ी (हिमालय पर्वत) से होता है। हिमाचल में बहने के पश्चात् पंजाब व हरियाणा में बहती हुई यह नदी राजस्थान में हनुमानगढ़ के टिब्बी तहसील के तलवाड़ा गाँव से प्रवेश करती है और भटनेर में विलुप्त हो जाती है। जब इस नदी में वर्षा अधिक होती है तो इसका जल अनूपगढ़ जिले के बिंजौर नामक स्थान से होता हुआ पाकिस्तान के बहावल नगर के ’फोर्ट अब्बास’ तक पहुँच जाता है।
- घग्घर नदी राजस्थान में हिमालय का जल लाने वाली एकमात्र नदी है।
- घग्घर नदी के द्वारा तलवाड़ा झील निर्मित है, जो लगभग 7 कि.मी. लम्बी झील है। यह राजस्थान की सबसे नीची झील है।
- यह नदी राजस्थान की अन्तःप्रवाही की सबसे लम्बी नदी है।
- घग्घर नदी राजस्थान की एकमात्र नदी है, जो उत्तर दिशा से राजस्थान में प्रवेश करती है।
- अधिक वर्षा होेने पर इसका जल पाकिस्तान के बहावलपुर में फोर्ट अब्बास तक पहुँच जाता है।
- अनूपगढ़ जिला इसके किनारे स्थित है।
- यह चम्बल व गम्भीर नदी के बाद सर्वाधिक मिट्टी अपरदन करने वाली नदी है।
- घग्घर का उपजाऊ मैदान ’काठी/बग्गी’ के नाम से जाना जाता है।
- घग्घर नदी के किनारे भटनेर दुर्ग (हनुमानगढ़) स्थित है।
- घग्घर नदी के किनारे कालीबंगा सभ्यता, पीलीबंगा सभ्यता व रंगमहल सभ्यता (हनुमानगढ़) स्थित है।
- घग्घर राजस्थान में प्रवाहित होने वाली एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय नदी है।
- नाली प्रदेश में सर्वाधिक चावल की खेती की जाती है। इसलिए इसे ’Rice Belt’ कहा जाता है।
- घग्घर के बहाव क्षेत्र में अनुप्रस्थ बालुका स्तूप पाये जाते है।
- घग्घर नदी इंदिरा गाँधी नहर को बड़ोपल (हनुमानगढ़) में काटती है।
FAQ –
1. घग्घर नदी का उद्गम स्थल कहाँ है?
उत्तर – घग्घर नदी कालका के निकट शिवालिक की पहाड़ियों(हिमाचल प्रदेश) से निकलती है।
2. घग्घर नदी का दूसरा नाम क्या है?
उत्तर – ओटू हेड से आगे इस का नाम हकरा/हाकड़ा नदी है। पाकिस्तान में इसे हाकड़ा नदी के नाम से पुकारते हैं।
3. घग्घर नदी का राजस्थान में प्रवेश कहाँ से होता है/
उत्तर – घग्घर नदी राजस्थान में टीबी तहसील (हनुमानगढ़) के तलवाड़ा गाँव से प्रवेश करती है।
4. तलवाड़ा झील कहाँ स्थित है?
उत्तर – तलवाड़ा झील हनुमानगढ़ के तलवाड़ा गाँव में स्थित है। तलवाड़ा झील राजस्थान की सबसे नीची झील है।
5. घग्घर की कुल लंबाई कितनी है?
उत्तर – घग्घर की कुल लंबाई 465 किमी है। हिमाचल प्रदेश में इसकी लंबाई 14 किमी है, पंजाब में लंबाई 208 किमी और हरियाणा में 209 किलोमीटर है। राजस्थान की एकमात्र नदी घग्घर है, जो हिमालय का जल राजस्थान में लेकर आती है।
6. घग्घर नदी को राजस्थान में किस नाम से पुकारते है?
उत्तर – राजस्थान में इसे ‘नाली’ के नाम से पुकारा जाता है।
7. घग्घर नदी की समुद्रतल से कितनी ऊँचाई है?
उत्तर – समुद्र तल से इसकी ऊंचाई लगभग 6322 फीट है।
8. घग्घर नदी के उपनाम बताओ
उत्तर – नट नदी, मृत नदी, सोत्र नदी, सरस्वती नदी, राजस्थान का शौक और नाली आदि इसके उपनाम है।
9. घग्घर नदी का अंतिम बिंदु कहाँ है?
उत्तर – यह नदी राजस्थान में हनुमानगढ़ के टिब्बी तहसील के तलवाड़ा गाँव से प्रवेश करती है और भटनेर में विलुप्त हो जाती है। जब इस नदी में वर्षा अधिक होती है तो इसका जल अनूपगढ़ जिले के बिंजौर नामक स्थान से होता हुआ पाकिस्तान के बहावल नगर के ’फोर्ट अब्बास’ तक पहुँच जाता है।
10 . आंतरिक प्रवाह वाली नदियों में देश की सबसे लम्बी नदी कौनसी है?
उत्तर – घग्घर नदी आंतरिक प्रवाह वाली नदियों में देश की सबसे लम्बी नदी है।