Rajasthan History Questions in Hindi: राजस्थान इतिहास के 300+ महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर

Last Updated on August 16, 2026 by KevalKrishan

Table of Contents

राजस्थान का इतिहास: 300+ अति महत्वपूर्ण वन-लाइनर प्रश्न और उत्तर (Rajasthan History One-Liner GK Questions in Hindi)

1. मराठा आक्रमण और संधियाँ (18वीं – 19वीं शताब्दी)

  • मराठों ने मई 1711 ईस्वी में प्रथम बार राजस्थान के किस रियासत से धन एकत्रित किया था — मेवाड़

  • अप्रैल 1734 में बूंदी के प्रशासक बुद्ध सिंह ने मराठा सहायता प्राप्त करके किसे गद्दी से हटा दिया था — दलेल सिंह

  • किस रियासत के उत्तराधिकारी संघर्ष को लेकर मराठों ने हस्तक्षेप राजस्थान में किया था — बूंदी

  • राजस्थान में मराठों के शुरुआती दौर में किसने चौथ और सरदेशमुखी कर वसूला था — पेशवा बाजीराव

  • मराठों ने मारवाड़ में प्रवेश कर सोजत, रायपुर, जैतारण परगना में चौथ वसूलना कब प्रारंभ किया — 1742

  • मराठों को राजस्थान से बाहर निकालने के लिए हुरडा सम्मेलन का आयोजन कब हुआ जो असफल रहा — 17 जुलाई 1734

  • जयपुर व मराठों की सेनाओं के बीच तुंगा का युद्ध कब हुआ — 1787

  • चार्ल्स मेटकोफ के साथ राजस्थान की किस रियासत ने सर्वप्रथम 1818 की संधि की — करौली

  • 1823 में अंग्रेजों से संधि करने वाली अंतिम रियासत थी — सिरोही

  • अंग्रेजों द्वारा 1818 की संधियों के तहत राजस्थान की रियासतों से लिया जाने वाला कर था — खिराज

  • अंग्रेजों के कप्तान ब्लैक की हत्या किस रियासत की राजमाता भटियानी को अधिकार मुक्त करने के प्रयास से क्रुद्ध होकर वहाँ के लोगों ने कर दी थी — जयपुर

2. 1857 की क्रांति और रियासती शासक

प्रमुख रियासतों के शासक (भाग-1):

  • कोटा रियासत — रामसिंह

  • जोधपुर रियासत — तख्त सिंह

  • भरतपुर रियासत — जसवंत सिंह

प्रमुख रियासतों के शासक (भाग-2):

  • जयपुर रियासत — रामसिंह द्वितीय

  • धौलपुर रियासत — भगवंत सिंह

  • बीकानेर रियासत — सरदार सिंह

प्रमुख रियासतों के शासक (भाग-3):

  • करौली रियासत — मदनपाल

  • बूंदी रियासत — राम सिंह

  • अलवर रियासत — विनय सिंह/बन्ने सिंह

प्रमुख रियासतों के शासक (भाग-4):

  • जैसलमेर रियासत — रणजीत सिंह

  • झालावाड़ रियासत — पृथ्वी सिंह

  • प्रतापगढ़ रियासत — दलपत सिंह

प्रमुख रियासतों के शासक (भाग-5):

  • डूंगरपुर रियासत — उदय सिंह

  • सिरोही रियासत — शिव सिंह

  • बांसवाड़ा रियासत — लक्ष्मण सिंह

3. 1857 की क्रांति के समय ब्रिटिश पॉलिटिकल एजेंट

  • कोटा रियासत — मेजर बर्टन

  • जोधपुर रियासत — मैकमोशन

  • भरतपुर रियासत — मोरिसन

  • सिरोही रियासत — जे.डी. हॉल

  • उदयपुर रियासत — शावर्स

  • जयपुर रियासत — ईडन

4. 1857 की क्रांति की छावनियाँ और विद्रोह

  • 1857 की क्रांति के समय राजस्थान में कुल कितनी छावनियाँ थीं — 6 (नसीराबाद, नीमच, देवली, ब्यावर, एरिनपुरा, खेरवाड़ा)

  • 15वीं व 30वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री का संबंध किस छावनी से था — नसीराबाद

  • 28 मई 1857 को नसीराबाद छावनी में विद्रोह के दौरान अंग्रेज अधिकारी स्पोटिसवुड व न्यूबरी की हत्या कर दी गई, लेफ्टिनेंट लॉक और कैप्टन हार्डी घायल हो गए, तथा अंग्रेज अधिकारियों ने नसीराबाद से ब्यावर में शरण ली।

  • नीमच में 1857 की क्रांति कब हुई — 3 जून 1857

  • एरिनपुरा छावनी में क्रांति की शुरुआत कब हुई — 21 अगस्त 1857

  • 8 सितंबर 1857 के बिथोड़ा युद्ध के बारे में: बिथोड़ा का मैदान पाली जिले में स्थित है। जोधपुर महाराजा तख्त सिंह ने सिंघवी कुशलराज व अनार सिंह के नेतृत्व में सेना भेजी थी, जिसमें अनार सिंह मारा गया तथा सिंघवी कुशलराज जान बचाकर भाग गया।

  • 18 सितंबर, 1857 को कौन सा युद्ध हुआ जिसमें अंग्रेजी सेना के लॉरेंस की हार हुई — चेलावास – काले गोरों का युद्ध

  • 18 सितंबर, 1857 चेलावास के युद्ध के बाद होम्स के नेतृत्व में 20 जनवरी 1858 को आऊवा पर आक्रमण किया गया। कुशाल सिंह आऊवा के किले को छोड़कर सलूंबर चले गए, जहाँ रावत केसरी सिंह ने उन्हें शरण दी। कुशाल सिंह की जाँच के लिए टेलर आयोग बना।

  • 1857 की क्रांति के समय रावत केसरी सिंह किस ठिकाने के जागीरदार थे — सलूंबर

  • जयदयाल, रतनलाल तथा मेहराब खान के नेतृत्व में कोटा में क्रांति कब हुई — 15 अक्टूबर 1857

  • 15 अक्टूबर, 1857 को कोटा के क्रांतिकारियों ने महाराव राम सिंह को एक संधि पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए विवश किया जिसमें 9 शर्तें थीं। मेजर बर्टन व उसके पुत्रों की हत्या कर दी गई और बर्टन की गर्दन पूरे कोटा शहर में घुमाई गई। 22 मार्च 1858 को मेजर रॉबर्ट्स नसीराबाद से सेना लेकर पहुँचे और करौली के शासक मदन पाल के सहयोग से जयदयाल और मेहराब खान को पकड़कर फाँसी दे दी गई।

  • मेवात व गुर्जर जाति के लोगों ने कहाँ क्रांति में सहयोग किया — भरतपुर

  • 1857 की क्रांति के समय नवाब विलायत खाँ, मियाँ उस्मान और सादुल्ला खाँ ने मुगल सम्राट से मिलकर ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध क्रांति का षड्यंत्र रचा, इनका संबंध किस रियासत से था — जयपुर

  • क्रांति के समय टोंक में क्रांतिकारियों का नेतृत्व किसने किया — आलम खाँ

  • भरतपुर के किस शासक ने अंग्रेजों से संधि के बावजूद होल्कर को अंग्रेजों को नहीं सौंपा था — रणजीत सिंह

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5. 1857 की क्रांति से जुड़े प्रमुख साहित्यकार एवं क्रांतिकारी

  • ”आछो गोरा हट जा, राज भरतपुर को रैं गोरा हट जा गहबान को बांको किलो रे बांको गोरा हट जा” कविता का संबंध किस साहित्यकार से है — बांकी दास

  • बांकीदास मारवाड़ के शासक मानसिंह के राजकवि व काव्यगुरु थे। ‘आयो अंग्रेज मुल्क रे ऊपर’ बांकी दास की प्रसिद्ध रचना है और उनकी ग्रंथावली नागरिक प्रचारिणी सभा से तीन खंडों में प्रकाशित हो चुकी है।

  • साहित्यकार सूर्यमल मिश्रण का जन्म 1815 और मृत्यु 1868 को हुई। 19 अक्टूबर 1990 को इनके ऊपर 200 पैसे का डाक टिकट जारी हुआ। यह बूंदी के राजा रामसिंह के दरबारी कवि थे।

  • वीर सतसई में 1857 की क्रांति का वर्णन है, यह किसकी रचना है — सूर्यमल मिश्रण

  • आऊवा युद्ध पर कविता लिखने वाले साहित्यकार थे — कवि गिरवरदान

  • सीकर जिले के डूंगर जी व जवाहर जी चाचा-भतीजा थे। डूंगर जी शेखावाटी ब्रिगेड में रिसालदार थे। डूंगर जी को उनके साले भैरू सिंह ने धोखे से पकड़वा दिया था। डूंगर जी को आगरा दुर्ग में बंद किया गया और उनका निधन जोधपुर दुर्ग में हुआ।

  • घड़सीसर (बीकानेर के पास) जब डूंगर जी व जवाहर जी को अंग्रेजों द्वारा जोधपुर सेना की सहायता से घेरा गया, तो जवाहर जी भागकर कहाँ चले गए थे — खैरखट्टा

  • 1804 में जाट परिवार में जन्मे लोठू जी निठारवाल का संबंध किस जिले से था — सीकर

  • बालू नाई, साखू लुहार व करणा भील के साथ मिलकर लोठू जी निठारवाल ने आगरा दुर्ग से किसको छुड़वाया था — डूंगर जी

  • 1857 की क्रांति के प्रथम शहीद / अमर चंद बांठिया का संबंध किस जिले से है — बीकानेर

  • अमरचंद बांठिया का जन्म 1793 को हुआ जबकि उन्हें 1858 को फाँसी कहाँ दी गई — ग्वालियर

6. प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी

  • विजय सिंह पथिक का जन्म 1882 को उत्तर प्रदेश के किसगाँव में हुआ — गुठावली

  • वीर भारत समाज व राजस्थान सेवा संघ की स्थापना किसने की — विजय सिंह पथिक

  • बिजोलिया किसान आंदोलन के किस चरण का नेतृत्व विजय सिंह पथिक द्वारा किया गया — द्वितीय

  • विजय सिंह पथिक द्वारा ‘राजस्थान केसरी’ का प्रकाशन सर्वप्रथम कहाँ से किया गया — वर्धा

  • ‘राजस्थान केसरी’, ‘नवीन राजस्थान’, ‘तरुण राजस्थान’ का संबंध किस क्रांतिकारी से था — भूप सिंह (विजय सिंह पथिक)

  • राजस्थान व जयपुर में क्रांतिकारी गतिविधियाँ फैलाने का श्रेय किसे जाता है — अर्जुनलाल सेठी

  • अर्जुनलाल सेठी ने जयपुर में जैन शिक्षा प्रचार समिति की स्थापना कब की — 1905

  • जयपुर में जैन वर्धमान विद्यालय, छात्रावास, पुस्तकालय क्रांतिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए किसने खोला, जिससे जोरावर सिंह, प्रताप सिंह, मानिक चंद्र, मोती चंद व विष्णु दत्त जुड़े हुए थे — अर्जुनलाल सेठी

  • किस पुस्तक का संबंध अर्जुनलाल सेठी से था — शुद्र मुक्ति, स्त्री मुक्ति, महेंद्र कुमार

  • केसरी सिंह बारहठ का जन्म 1872 में देवपुरागाँव, शाहपुरा में हुआ। इनकी कर्मभूमि कोटा थी जहाँ इनकी मृत्यु 1941 को हो गई। 1903 में मेवाड़ महाराणा फतेह सिंह को ‘चेतावनी रा चूंगट्या’ लिखकर कर्जन दरबार में जाने से रोका। 1910 में वीर भारत सभा की स्थापना की।

  • केसरी सिंह बारहठ ने अपने भाई जोरावर सिंह, पुत्र प्रताप सिंह, जामाता ईश्वरदान आशिया को किसके पास क्रांति का व्यावहारिक अनुभव व प्रशिक्षण लेने के लिए भेजा था — मास्टर अमीरचंद

  • केसरी सिंह बारहठ ने अश्वघोष की किस रचना का हिंदी में अनुवाद किया था — बुद्ध चरित्र

  • “भारत में एकमात्र केसरी सिंह बारहठ ऐसे क्रांतिकारी थे जिन्होंने भारत माता की दास्तां की श्रृंखलाओं को काटने के लिए अपने समस्त परिवारों को स्वतंत्रता के युद्ध में झोंक दिया” — यह किस क्रांतिकारी ने कहा था — रासबिहारी बोस

  • प्रताप चरित्र, दुर्गादास चरित्र, रूठी रानी, जसवंत चरित्र, राज सिंह चरित्र, कुसुमांजलि नामक ग्रंथ किसने लिखे — केसरी सिंह बारहठ

  • 1912 में जोधपुर के महंत प्यारेलाल हत्याकांड में केसरी सिंह बारहठ को किस जेल में 20 वर्ष की सजा दी गई — हजारीबाग

  • केसरी सिंह बारहठ के पुत्र प्रताप सिंह बारहठ का जन्म 1893 को कहाँ हुआ — शाहपुरा

  • प्रताप सिंह बारहठ ने क्रांतिकारी मास्टर अमीरचंद तथा अर्जुनलाल सेठी की वर्तमान पाठशाला में प्रशिक्षण लिया। बनारस कांड में गिरफ्तार कर बरेली जेल में 5 वर्ष की सजा हुई और 1918 में 22 वर्ष की आयु में शहीद हो गए।

  • “मेरी माँ रोती है तो उसे रोने दो जिससे सैकड़ों माताओं को न रोना पड़े, यदि मैंने दिल का भेद खोल दिया तो यह मेरी वास्तविक मृत्यु होगी और मेरी माता पर अमिट कलंक लगेगा” — यह वाक्य अंग्रेज अधिकारी क्लीवलैंड से किसने कहे — प्रताप सिंह बारहठ

  • राजस्थान की किस रियासत के राजा ने प्रताप सिंह बारहठ के आगमन पर प्रतिबंध लगाया था — बीकानेर

  • राजस्थान के जतिन दास कहे जाने वाले बालमुकुंद बिस्सा का जन्म 1908 को कहाँ हुआ — डीडवाना के पीपलवा गाँव में

  • बालमुकुंद बिस्सा ने चरखा संघ व खद्दर भंडार की स्थापना कहाँ की — नागौर

  • जोधपुर में भूख हड़ताल के दौरान बालमुकुंद बिस्सा की मृत्यु कब हुई — 19 जून 1942

  • सागरमल गोपा का संबंध किस रियासत से था — जैसलमेर

  • ‘आज़ादी के दीवाने’, ‘रग्नाथ सिंह का मुकदमा’, ‘जैसलमेर में गुंडाराज’ पुस्तकों का संबंध किस क्रांतिकारी से था — सागरमल गोपा

  • जैसलमेर के सागरमल गोपा का जन्म 3 नवंबर 1900 को जैसलमेर में हुआ। इन्होंने जैसलमेर के तत्कालीन महारावल जवाहर सिंह के अत्याचारों का विरोध किया था। 24 मई 1941 को जेल में डालकर अमानवीय यातनाएँ दी गईं और अप्रैल 1946 को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया गया।

  • झुंझुनू के सरदार हरलाल सिंह का जन्म 1901 में झुंझुनू के हनुमानपुरा गाँव में हुआ। इन्होंने ‘विद्यार्थी भवन झुंझुनू’ की स्थापना कर राजनीतिक व सामाजिक गतिविधियाँ चलाईं। कुशल नेतृत्व के कारण ही इन्हें ‘सरदार’ की उपाधि दी जाती है।

  • 1947 में प्रजामंडल आंदोलन के दौरान किसने कहा था कि ‘जब तक मेरी जान रहेगी, तब तक मैं गाँव रास्तापाल की पाठशाला बंद नहीं होने दूंगा’ — नानाभाई खाट

  • राजस्थान के ‘कप्तान’ उपनाम से कौन से क्रांतिकारी जाने जाते हैं — दुर्गाप्रसाद चौधरी

  • दुर्गाप्रसाद चौधरी ने अजमेर व जयपुर से प्रकाशित किस समाचार पत्र का संपादन किया था — दैनिक नवज्योति

  • सीकर के जमनालाल बजाज की पत्नी जानकी देवी बजाज को किस वर्ष पद्म विभूषण मिला — 1956

  • 1897 में श्रीमाधोपुर, सीकर में किस क्रांतिकारी महिला का जन्म हुआ था — अंजना देवी चौधरी

  • 15 अक्टूबर 1912 को खाचरोद, मध्य प्रदेश में किस क्रांतिकारी महिला का जन्म हुआ था — रत्ना शास्त्री

  • वह क्रांतिकारी महिला जिनका विवाह 7 वर्ष की उम्र में हो गया था तथा 11 वर्ष की छोटी आयु में विधवा हो गईं और फिर उन्होंने गांधीवादी नेता लादूराम जोशी के साथ पुनर्विवाह किया था — रमा देवी

  • अंजना देवी चौधरी किस क्रांतिकारी की पत्नी थीं — रामनारायण चौधरी

  • रास्तापाल, डूंगरपुर में 13 वर्षीय भील बालिका कालीबाई अपने शिक्षक सेंगाभाई की जान बचाकर कब शहीद हुईं — 20 जून 1947

  • सीहोर के ठाकुर मानसिंह द्वारा सौतिया का बास नामक गाँव में किसान महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के विरोध में किसके नेतृत्व में कटराथल में 1934 में 10,000 महिलाओं ने आंदोलन किया — श्रीमती किशोरी देवी

  • किशोरी देवी किसकी पत्नी थीं — सरदार हरलाल सिंह

7. किसान आंदोलन (बिजोलिया, बेंगू और अन्य)

  • बिजोलिया किसान आंदोलन भारत का सबसे बड़ा अहिंसात्मक व सबसे लंबा चलने वाला आंदोलन था, यह वर्तमान में किस जिले में है — भीलवाड़ा

  • बिजोलिया किसान आंदोलन में सबसे ज्यादा किस जाति ने भाग लिया — धाकड़ जाति

  • 1894 में बिजोलिया के किस ठिकानेदार की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद बिजोलिया ठिकाने पर करों में वृद्धि हुई — गोविंदास

  • बिजोलिया किसान आंदोलन कितने चरणों में चला था — 3

  • 1921 में बेंगू किसान आंदोलन का नेतृत्व किसने किया था — रामनारायण चौधरी

  • 1906 में बिजोलिया ठिकाने में ‘तलवार बंधाई कर’ किसने लगाया — पृथ्वी सिंह

  • 1897 में लागबाग करों के विरुद्ध मृत्युभोज पर किसान किसगाँव में एकत्रित हुए थे — गिरधरपुरा

  • बिजोलिया किसान आंदोलन के तीनों चरणों का क्रम एवं नेतृत्वकर्ता:

    • प्रथम चरण: 1897 से 1915 — साधु सीताराम दास

    • द्वितीय चरण: 1915 से 1923 — विजय सिंह पथिक

    • तृतीय चरण: 1927 से 1941 — माणिक्यलाल वर्मा

  • 1906 में पृथ्वी सिंह ने जो ‘तलवार बंधाई कर’ लगाया था, वह एक प्रकार का — उत्तराधिकारी कर था।

  • राव कृष्ण सिंह ने 1903 में 5 रुपये का कौन सा कर लगाया था — चंवरी कर (पुत्री के विवाह पर कर)

  • बरड़ क्षेत्र में बूंदी किसान आंदोलन का नेतृत्व किसने किया — नैनूराम शर्मा

  • 2 अप्रैल 1923 को डाबीगाँव में नानक जी भील व देवीलाल गुर्जर शहीद हो गए, इनका संबंध किस किसान आंदोलन से था — बूंदी किसान आंदोलन

  • चेतराम व टीकूराम किसान किस हत्याकांड में शहीद हुए थे — कुंदनगाँव हत्याकांड

  • जयपुर राज्य में किसान आंदोलन के समय 1922 में सीकर के ठिकानेदार कौन थे — कल्याण सिंह

  • 1947 में शेखावाटी किसान आंदोलन की समाप्ति किसके प्रयासों से हुई — हीरालाल शास्त्री

  • 1914 में ठिकानेदार पृथ्वी सिंह की मृत्यु के बाद ठिकानेदार कौन बना जो अल्पवयस्क था, जिस कारण जागीरी प्रशासन कोर्ट ऑफ वार्ड्स (महाराणा) के नियंत्रण में चला गया — केशरी सिंह

  • बिजोलिया ठिकाने में ऊपरमाल क्षेत्र के लोग किसे महात्मा कहकर पुकारते थे — विजय सिंह पथिक

  • हरियाली अमावस्या के दिन ऊपरमाल पंच बोर्ड की स्थापना कब हुई — 1917

  • 1921 में मेनाल के भेरू कुंड से किस किसान आंदोलन की शुरुआत हुई — बेंगू किसान आंदोलन

  • बिजोलिया किसान आंदोलन के दौरान विद्या प्रचारिणी सभा का गठन किसने किया — विजय सिंह पथिक

  • बिजोलिया किसान आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाने में गणेश शंकर विद्यार्थी के किस समाचार पत्र का योगदान रहा — प्रताप

  • नीमूचणा हत्याकांड कब हुआ — 14 मई 1925

  • 1921-25 में अलवर किसान आंदोलन का कारण क्या था — जंगली सूअरों का प्रभाव तथा महाराजा जयसिंह द्वारा लगान दर बढ़ाना (इजारा पद्धति)

  • बिजोलिया किसान आंदोलन के दौरान किस प्रमुख नेता ने अपने निजी सचिव महादेव भाई को ऊपरमाल में किसानों की स्थिति की जाँच करने के लिए भेजा था — महात्मा गांधी

  • 11 फरवरी 1922 को बिजोलिया किसानों व ठिकानेदार के बीच समझौता हुआ, उस समय राजस्थान के AGG कौन थे — एजीजी हॉलैंड

  • 1922 में हुए समझौते के तहत बिजोलिया ठिकाने के कितने कर समाप्त कर दिए गए थे — 35

  • 1941 में बिजोलिया किसान आंदोलन समाप्त हो गया। इस समय बिजोलिया किसान आंदोलन का नेतृत्व माणिक्यलाल वर्मा कर रहे थे, मेवाड़ के दीवान विजय राघवाचार्य व राजस्व मंत्री डॉ. मोहन सिंह मेहता थे। इस प्रकार 44 वर्ष तक चलने वाला वह आंदोलन समाप्त हुआ।

  • गोविंदनिवासगाँव के नारायण जी पटेल का संबंध किस आंदोलन से था — बिजोलिया

  • बेंगू किसान आंदोलन के तहत 1923 में शहीद होने वाले किसान थे — रूपा जी एवं कृपा जी

  • बेंगू किसान आंदोलन के दौरान हुए समझौते को बोल्शेविक समझौते की संज्ञा दी गई, यह किनके बीच हुआ — ठाकुर अनूप सिंह व राजस्थान सेवा संघ

  • भरतपुर किसान आंदोलन के बारे में: 1931 में भरतपुर में नया भूमि बंदोबस्त लागू कर करों में वृद्धि की गई। आंदोलन का नेतृत्व 23 नवंबर 1931 को भोजी लंबरदार ने किया, जिनकी गिरफ्तारी के साथ ही यह आंदोलन समाप्त हुआ।

  • अलवर में किसान आंदोलन का नेतृत्व किसने किया — यासीन खाँ

  • महात्मा गाँधी ने किस हत्याकांड को ‘जलियांवाला बाग हत्याकांड से भी विभीषिका पूर्ण’ (दोहरी डायरशाही) की संज्ञा दी — नीमूचणा हत्याकांड

  • अलवर-भरतपुर क्षेत्र में किसने 1932 में ‘अंजुमन खादिम उल इस्लाम’ नामक संस्था स्थापित करके मेव आंदोलन को संगठित किया — मोहम्मद हादी

  • किस किसान आंदोलन की गूंज केंद्रीय असेंबली व ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमंस में गूंजी — सीकर किसान आंदोलन

  • धापी दादी व किशोरी देवी का संबंध किस किसान आंदोलन से था — सीकर

  • सीकर में 20 से 29 जनवरी को किस वर्ष विशाल जाट प्रजापति महायज्ञ का आयोजन किया गया — 1934

  • 1937 में उदरासर (बीकानेर) में लागबाग के विरुद्ध आवाज़ उठाने वाले नेता थे — जीवन चौधरी

  • दूधवाखारा किसान आंदोलन के प्रमुख नेता जिन्हें बीकानेर महाराजा ने श्रीगंगानगर में 100 मुरब्बे ज़मीन देने की पेशकश की थी लेकिन उन्होंने स्वीकार नहीं किया — हनुमान सिंह

  • जुलाई 1946 में बीकानेर प्रजा परिषद के सम्मेलन में रायसिंहनगर में कौन से किसान शहीद हो गए थे — बीरबल सिंह

  • हनुमानगढ़ में नियुक्त मुंसिफ मजिस्ट्रेट जिन्होंने राजनीतिक जन-जागरूकता के कारण सरकारी नौकरी छोड़ दी थी — हरदत्त सिंह चौधरी

  • बीकानेर किसान आंदोलन के नेताओं में प्रमुख जिन्होंने ‘किसान यूनियन क्यों’ पुस्तक लिखी थी — कुंभाराम आर्य

  • मारवाड़ लोक परिषद की स्थापना कब हुई — मई 1938

  • डाबड़ा (डीडवाना) हत्याकांड कब हुआ — 13 मार्च 1947

  • मोतीलाल चौधरी का संबंध किस किसान आंदोलन से था — मारवाड़ किसान आंदोलन

  • तसीमों कांड का संबंध किस रियासत से था — धौलपुर

  • राधाकृष्ण बोहरा, किशनलाल शाह, सी.आर. चौपासनी वाला, मथुरादास माथुर, द्वारकादास पुरोहित, मोतीलाल चौधरी, मीठालाल, विजय शंकर का संबंध किस आंदोलन से था — मारवाड़ किसान आंदोलन

  • 1942 में चंद्रावलगाँव में उत्तरदायी शासन दिवस मनाने के समय मीठालाल, विजय शंकर व अन्य किसान घायल हो गए, इसका संबंध किस लोक परिषद से था — मारवाड़

8. जनजातीय आंदोलन एवं सुधारक

  • मेर विद्रोह को दबाने के लिए मारवाड़ बटालियन की स्थापना कब व किस मुख्यालय पर की गई — 1822, ब्यावर

  • 1818 से 1824 के बीच अजमेर का झाक क्षेत्र किस जाति के विद्रोह के लिए चर्चा में रहा — मेर

  • भीलों द्वारा अपने क्षेत्रों से गुजरने वाले माल व यात्रियों से कौन सा कर वसूला जाता था — बोलाई

  • 1841 में गठित मेवाड़ की भील कोर (MBC) का मुख्यालय कहाँ रखा गया — खेरवाड़ा, उदयपुर

  • मेवाड़ भील कोर के तहत मेवाड़ के भील क्षेत्रों में कहाँ पर दो छावनियाँ स्थापित की गई — खेरवाड़ा, कोटड़ा

  • 1856 में महाराणा ने मेहता सवाई सिंह को उदयपुर राज्य के किस क्षेत्र में भील विद्रोह को दबाने हेतु भेजा — कालीबास

  • 1873-74 के दौरान चिलकारी व शेरगढ़गाँव के भील छापामार गतिविधियों में लगातार विद्रोह कर रहे थे, यह किस राज्य के अंतर्गत आता था — बांसवाड़ा

  • भीलों में जनजागृति लाने वाले गोविंद गिरि डूंगरपुर में किसगाँव के निवासी थे — बेड़सा

  • गोविंद गिरि का संबंध किस परिवार से था — बंजारा परिवार

  • गोविंद गिरि ने दयानंद सरस्वती की प्रेरणा से भीलों की सेवा की, कोटा-बूंदी अखाड़े के साधु राजगिरि के शिष्य बने, तथा 1883 में सिरोही में संप सभा की स्थापना की और ‘भगत आंदोलन’ चलाया।

  • गोविंद गिरि ने 1908 से 1910 तक राजपूताना छोड़कर सूंथ-ईडर के भीलों में कार्य किया, यह किस राज्य में था — गुजरात

  • नवंबर 1913 में मानगढ़ पहाड़ी पर जब भील एकत्रित हुए तो अंग्रेजों की तरफ से भीलों के सम्मेलन को कुचलने के लिए कौन सी कंपनियाँ पहुँचीं — मेवाड़ भील कोर, 104 वेलेजली राइफल्स, सातवीं राजपूत रेजिमेंट

  • राजस्थान का जलियांवाला बाग हत्याकांड कहे जाने वाला ‘मानगढ़ धाम हत्याकांड’ कब हुआ — 17 नवंबर 1913

  • 17 नवंबर 2013 मानगढ़ हत्याकांड में अंग्रेजी दस्तावेजों के अनुसार कुल कितने भील मारे गए — 100

  • 17 नवंबर 1913 मानगढ़ धाम हत्याकांड के बाद गोविंद गिरि व पुंज्या को बंदी बना लिया गया। गोविंद गिरि को पहले आजीवन कारावास, फिर 10 वर्ष और अंततः 7 वर्ष के पश्चात रिहा कर दिया गया। सूंथ, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, कुशलगढ़ व ईडर राज्य में प्रवेश निषेध कर दिया गया तथा वे सरकारी निगरानी में अहमदाबाद संभाग के अंतर्गत पंचमहल जिले के झालोदगाँव में रहने लगे।

  • मोतीलाल तेजावत का जन्म उदयपुर राज्य के किसगाँव में हुआ था — कोलियरीगाँव, झाडोल

  • मोतीलाल तेजावत का संबंध किस जाति से था — ओसवाल बनिया

  • भीलों में जनजागृति फैलाने के लिए 1921 में ‘एकी आंदोलन’ की शुरुआत किसने की — मोतीलाल तेजावत

  • उदयपुर के बाद मोतीलाल तेजावत के नेतृत्व में आदिवासी आंदोलन का दूसरा महत्वपूर्ण केंद्र कौन सा बना था — सिरोही

  • महात्मा गाँधी, पथिक जी व राजस्थान सेवा संघ के नेताओं की सहायता से सिरोही आदिवासी आंदोलन को समाप्त करने का प्रयास किसने किया जो असफल रहा — रामाकांत मालवीय

  • 5 मई 1922 को अंग्रेजी सेना ने बलोरिया नामकगाँव पर आक्रमण किया और उस क्षेत्र को जला दिया, यह किस रियासत में था — सिरोही

  • 1851 में उदयपुर राज्य के जहाजपुर परगना के किस जनजाति ने अंग्रेजों के विरुद्ध विद्रोह कर दिया था — मीणा

  • मीणाओं के विद्रोह को दबाने के लिए देवली छावनी को कब गठित किया गया — 1855

  • मानगढ़ हत्याकांड के बाद गोविंद गिरि तथा डूंगर के पटेल पुंजा धीर को बंदी बनाकर कहाँ रखा गया — संतरामपुर की जेल और अहमदाबाद की साबरमती जेल

  • गोविंद गिरि की मृत्युदंड की सजा को किसने आजीवन कारावास की सजा में बदल दिया — आर.पी. बारो

  • गुरु गोविंद गिरि की सजा को कम करते हुए उन्हें कब संतरामपुर जेल से रिहा किया गया — 1 जुलाई 1923

  • ‘सुरजी भगत’ का संबंध किससे था — भीलों में धार्मिक एवं सामाजिक सुधारों से

  • गुरु गोविंद गिरि का निधन कब हुआ — 30 अक्टूबर 1931

  • मानगढ़ धाम में ‘शहीद स्मारक’ का लोकार्पण कब किया गया — 2 सितंबर 2002

  • बाँसवाड़ा की मानगढ़ पहाड़ी पर गुरु गोविंद गिरि के अनुयायियों पर मेवाड़ राज्य व अंग्रेजी सेना द्वारा किए गए भीषण नरसंहार का शताब्दी समारोह कब प्रारंभ हुआ — 17 नवंबर 2012

  • नीमड़ा हत्याकांड कब हुआ — 1921-22

  • ‘मेवाड़ पुकार’ नामक 21 सूत्री माँगपत्र किसने तैयार किया था — मोतीलाल तेजावत

  • नीमड़ा हत्याकांड किस आंदोलन से संबंधित है — एकी आंदोलन

  • महात्मा गाँधी ने मोतीलाल तेजावत द्वारा आंदोलन को वापस लेने के लिए उनके पास किसे भेजा — मणिलाल कोठारी

  • ईडर राज्य की पुलिस ने खेडब्रह्मगाँव से श्री मोतीलाल तेजावत को कब गिरफ्तार किया — 3 जून 1929

  • 1929 में मोतीलाल तेजावत को गिरफ्तार कर कहाँ रखा गया — उदयपुर जेल

  • मोतीलाल तेजावत का निधन कब हुआ — 5 दिसंबर 1963

  • किस जनजाति के लोगों को पाबंद करने हेतु जयपुर रियासत में 1930 में ‘जरायम पेशा कानून’ लागू किया गया था — मीणा

  • जरायम पेशा कानून कब रद्द हुआ — 1952

  • किसकी अध्यक्षता में मीणा जाति का एक विशाल सम्मेलन अप्रैल 1944 में नीम का थाना में हुआ था — संत मगनसागर

  • 28 अक्टूबर 1946 को मीणों का एक विशाल सम्मेलन कहाँ आयोजित हुआ जिसमें चौकीदार मीणों ने चौकीदारी के काम से इस्तीफा देकर ‘मुक्ति दिवस’ मनाया — बागावास

  • ‘भगत आंदोलन’ शीर्षक से पुस्तक के लेखक हैं — वी.के. विशिष्ट

  • शेखावाटी में पाँच प्रमुख ठिकाने, जिन्हें ‘पंचपाणे’ कहा जाता था — बिसाऊ, मलसीसर, मंडावा, नवलगढ़, डूंडलोद

  • जुलाई 1921 में मोतीलाल तेजावत ने भील आंदोलन कहाँ से प्रारंभ किया था — कोटड़ा, उदयपुर

9. संस्थाएँ, समाचार पत्र और प्रजामंडल आंदोलन

  • 1885 में ‘सज्जन कीर्ति सुधाकर’ नामक समाचार पत्र कहाँ से प्रकाशित होता था — उदयपुर

  • 1885 में अंग्रेजी साप्ताहिक ‘राजस्थान टाइम्स’ पत्र कहाँ से प्रकाशित होता था — अजमेर

  • केसरी सिंह बारहठ ने एडवर्ड सप्तम के राज्यारोहण में दिल्ली जाने से किस मेवाड़ महाराणा को ‘चेतावनी रा चूंगट्या’ नामक 13 सोरठे लिखकर रोका था — फतेह सिंह

  • भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस की स्थापना कब हुई — 1885

  • 1888 में कॉन्ग्रेस के किस अधिवेशन में अजमेर के गोपीनाथ माथुर, किशनलाल व हरविलास शारदा राज्य के प्रतिनिधि के रूप में बनकर गए थे — दिल्ली अधिवेशन

  • ‘राजपूताना मध्य भारत सभा’ नामक राजनीतिक संस्था की स्थापना गणेश शंकर विद्यार्थी, विजय सिंह पथिक, जमनालाल बजाज, चाँदकरण शारदा, गिरधर शर्मा, स्वामी नरसिंह देव सरस्वती ने कहाँ पर की — दिल्ली के चाँदनी चौक स्थित मारवाड़ी पुस्तकालय

  • राजपूताना मध्य भारत सभा के प्रमुख अधिवेशन:

    • दूसरा अधिवेशन: दिसंबर 1919, अमृतसर

    • तीसरा अधिवेशन: मार्च 1920, अजमेर (अध्यक्षता: जमनालाल बजाज)

    • चौथा अधिवेशन: दिसंबर 1920, नागपुर (अध्यक्ष: नरसिंह चिंतामणि केलकर, अनुपस्थिति में अध्यक्षता: गणेश नारायण सोमाजी)

  • विजय सिंह पथिक, रामनारायण चौधरी तथा हरिभाई किंकर ने मिलकर वर्धा में ‘राजस्थान सेवा संघ’ की स्थापना कब की — 1919

  • राजस्थान के राजनीतिज्ञ व क्रांतिकारी भंवरलाल सर्राफ किस प्रजामंडल के प्रथम अध्यक्ष बने थे — जोधपुर

  • अंग्रेजों की ‘रायबहादुर’ की उपाधि लौटाने वाले जयपुर के क्रांतिकारी थे — जमनालाल बजाज

  • 15 मार्च 1921 को अजमेर में द्वितीय राजनीतिक सम्मेलन की अध्यक्षता किसने की जिसमें मोतीलाल नेहरू भी उपस्थित थे — मौलाना शौकत अली

  • अंग्रेजों ने जर्मनी से संधि वार्ता में भाग लेने के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करने हेतु पेरिस किसे भेजा था — गंगा सिंह

  • 1921 में ‘नरेंद्र मंडल’ की स्थापना किसने की, जिसकी अध्यक्षता वायसराय ने की थी — गंगा सिंह

  • स्वदेशी वस्त्र पहनने तथा ‘तिलक स्वराज्य कोष’ में चंदा देने के कारण राजस्थान की किस रियासत के राजा ने शिवमूर्ति सिंह, संपूर्णानंद व आनंद वर्मा को सरकारी नौकरी से निलंबित कर दिया था — बीकानेर

  • उदयपुर महाराणा फतेह सिंह अंग्रेजों के कहने पर किसे 28 जुलाई 1921 को उदयपुर का शासन सौंप देते हैं — भूपाल सिंह

  • फतेह सिंह के बाद शासक बने भोपाल सिंह ने अंग्रेज सरकार की इच्छा अनुसार मंत्रिमंडल बनाया, उसमें राजस्व विभाग किसे सौंपा गया — मिस्टर ट्रेंच

  • 1949 में जोधपुर रियासत का विलय राजस्थान एकीकरण के किस चरण में हुआ — चौथे चरण

  • बीकानेर में जनजागृति लाने वाले सर्वप्रथम चुरू के क्रांतिकारी थे — स्वामी गोपाल दास

  • 1936 में बीकानेर प्रजामंडल की स्थापना मधाराम वैद्य ने कहाँ की थी — कलकत्ता

  • 1943 में महाराजा गंगा सिंह की मृत्यु के बाद बीकानेर के नए शासक बने थे — शार्दूल सिंह

  • किस वर्ष बीकानेर एक्ट पास करके द्विसदनीय व्यवस्थापिका (राज्यसभा व धारा सभा), हाईकोर्ट व लोक सेवा आयोग की स्थापना की गई — 1947

  • 28 अप्रैल 1947 को बीकानेर के प्रतिनिधि के रूप में किसे संविधान निर्मात्री सभा में प्रशासनिक अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया — के.एम. पणिक्कर

  • भारत के संविधान निर्माण में बीकानेर से प्रत्यक्ष तौर पर सदस्य के रूप में भाग लिया था — जसवंत सिंह

  • भारत और पाक विभाजन के लिए ‘माउंटबेटन योजना’ कब बनी — 3 जून 1947

  • बीकानेर राज्य के महाराजा जिन्होंने भारतीय संघ में सम्मिलित होने के लिए हस्ताक्षर किए — शार्दूल सिंह

  • जैसलमेर प्रजामंडल के बारे में: जैसलमेर का पहला समाचार पत्र ‘विजय’ 1920 में प्रारंभ हुआ। 1932 में माहेश्वरी समाज नवयुवक मंडल का गठन किया गया और 1945 में मीठालाल व्यास ने जोधपुर में जैसलमेर प्रजामंडल की स्थापना की।

  • 24 अप्रैल 1938 को मेवाड़ प्रजामंडल की स्थापना किसने की — माणिक्यलाल वर्मा

  • 1938 में मेवाड़ प्रजामंडल की स्थापना के बाद मेवाड़ के प्रधानमंत्री धर्म नारायण ने इसे गैरकानूनी संस्था घोषित किया, बाद में इस पर प्रतिबंध कब हटाया गया — 1941

  • जब मेवाड़ प्रजामंडल पर प्रतिबंध लगा तब माणिक्यलाल वर्मा मेवाड़ छोड़कर कहाँ चले गए थे — अजमेर

  • राजपूताना मध्य भारत सभा की स्थापना कब हुई — 1918

  • 1931 में गठित जयपुर प्रजामंडल ने राजनीति में कब प्रवेश किया — 1938

  • प्रमुख प्रजामंडलों की स्थापना वर्ष:

    • मारवाड़ प्रजामंडल: 1934

    • कोटा प्रजामंडल: 1939

    • उदयपुर प्रजामंडल: 1938

    • बीकानेर प्रजामंडल: 1936

    • जैसलमेर प्रजामंडल: 1945

    • सिरोही प्रजामंडल: 1939

    • भरतपुर प्रजामंडल: 1938

    • अलवर प्रजामंडल: 1938

  • राजस्थान में जन आंदोलन सर्वप्रथम किस रियासत से प्रारंभ हुआ — जोधपुर

  • मारवाड़ लोक परिषद को कब गैरकानूनी घोषित किया गया — मार्च 1940

  • मारवाड़ रियासत में सुभाष चंद्र बोस का आगमन कब हुआ — जनवरी 1938

  • फूलचंद बाफना, शिवदयाल, तुलसीदास राठी किस लोक परिषद के डिक्टेटर थे जिन्हें गिरफ्तार किया गया — मारवाड़

  • रमा देवी, कृष्णा कुमारी, दयावंती, सावित्री देवी माथुर, सूरज देवी माथुर का संबंध किस प्रजामंडल आंदोलन से था — जोधपुर

  • जून 1947 में जोधपुर के महाराजा उम्मेद सिंह की मृत्यु के बाद नए शासक कौन बने — हनुवंत सिंह

  • राजस्थान में स्वतंत्रता संघर्ष को 3 चरणों में विभाजित किया जाता है:

    • प्रथम चरण: 1927 ईस्वी से पूर्व (सामाजिक और मानवतावादी समस्याओं पर केंद्रित)।

    • दूसरा चरण: 1927 से 1938 (1927 में ऑल इंडिया स्टेट पीपुल्स कॉन्फ्रेंस की स्थापना)।

    • तृतीय चरण: 1938 से 1949 (1938 हरिपुरा कॉन्ग्रेस अधिवेशन के बाद प्रजामंडल आंदोलन)।

  • 1941 में मेवाड़ प्रजामंडल के प्रथम अधिवेशन के सभापति किन्हें नियुक्त किया गया जिसमें आचार्य जे.बी. कृपलानी व विजयलक्ष्मी पंडित भी शामिल हुईं — माणिक्यलाल वर्मा

  • दिसंबर 1945 में मेवाड़ प्रजामंडल के निमंत्रण पर अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद का सातवा अधिवेशन कहाँ हुआ — उदयपुर

  • उदयपुर में 7वें अखिल भारतीय देशी राज्य लोक परिषद की अध्यक्षता किसने की — पंडित जवाहरलाल नेहरू

  • मेवाड़ के संविधान का प्रारूप किसने तैयार किया था — के.एम. मुंशी

  • कोटा में प्रजामंडल आंदोलन का श्रेय किसे जाता है — नैनूराम शर्मा

  • अभिन्न हरि ने कोटा प्रजामंडल की स्थापना 1939 में कहाँ की जिसकी अध्यक्षता नैनूराम शर्मा ने की थी — मांगरोल

  • 1940 में रामतलाई क्षेत्र में कोटा प्रजामंडल का अधिवेशन आयोजित हुआ, उसकी अध्यक्षता किसने की — अभिन्न हरि

  • मास्टर शंभूदयाल सक्सेना, नाथूलाल जैन, श्याम नारायण सक्सेना, सेठ मोतीलाल वकील, श्रीमती वेणीमाधव का संबंध किस प्रजामंडल से था — कोटा

  • राजस्थान एकीकरण के दूसरे चरण के उपराजप्रमुख बने भीम सिंह का संबंध किस रियासत से था — कोटा

  • किसान आंदोलन से संबंधित ‘नमाणाग्राम’ का संबंध किस प्रजामंडल से था — बूंदी

  • 1931 में बूंदी प्रजामंडल की स्थापना किसकी अध्यक्षता में हुई — कान्तिलाल चौथानी

  • जमनालाल बजाज ने जयपुर में चरखा संघ की स्थापना कब की — 1927

  • 1931 में जयपुर प्रजामंडल की स्थापना किसने की जो राजस्थान का प्रथम व सबसे प्राचीन प्रजामंडल था — कपूरचंद पाटनी

  • 1940 में जयपुर प्रजामंडल के अध्यक्ष के रूप में किसे निर्वाचित किया गया — हीरालाल शास्त्री

  • जयपुर प्रजामंडल का तीसरा अधिवेशन कब हुआ — अप्रैल 1938

  • 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान हीरालाल शास्त्री व जयपुर के प्रधानमंत्री जिनके बीच समझौता हुआ — मिर्ज़ा इस्माइल

  • जब जयपुर प्रजामंडल ने भारत छोड़ो आंदोलन में भाग नहीं लिया तो किसके नेतृत्व में ‘आज़ाद मोर्चे’ (1942) का गठन किया गया — बाबा हरिश्चंद्र

  • किसकी मध्यस्थता से आज़ाद मोर्चे का जयपुर प्रजामंडल में 1945 में विलय हो गया — पंडित जवाहरलाल नेहरू

  • पंडित हरिनारायण शर्मा को किस रियासत में जनता में जागृति लाने का श्रेय दिया जाता है — अलवर

  • पं. हरिनारायण शर्मा व कुंजबिहारी लाल, मास्टर भोलानाथ ने मिलकर किस प्रजामंडल की स्थापना 1938 में की — अलवर

  • जनवरी 1944 में अलवर प्रजामंडल का प्रथम अधिवेशन किसकी अध्यक्षता में हुआ — भवानी शंकर शर्मा

  • बाबा हरिश्चंद्र, चिरंजीलाल मिश्र, विजय देशपांडे व मुक्तिलाल मोदी का संबंध किससे था — आज़ाद मोर्चा

  • 1934 में महात्मा गाँधी ने राजस्थान का दौरा किया था, सर्वप्रथम वे किस स्थान पर आए थे — अजमेर

  • अलवर के दीवान जिन्हें महात्मा गाँधी की हत्या में मिलीभगत होने के संदेह के कारण हटाया गया — एन.बी. खरे

  • भरतपुर के शासक जिन्होंने हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया औरगाँव व नगरों में स्वायत्तशासी संस्थाओं को विकसित किया — किशन सिंह

  • राजस्थान एकीकरण के समय ‘जाट झंडा खतरे में है’ नारा किसने दिया — मानसिंह

  • 1938 में भरतपुर प्रजामंडल की स्थापना गोपीलाल यादव व मास्टर आदित्येंद्र के द्वारा कहाँ की गई — रेवाड़ी

  • भरतपुर प्रजामंडल के प्रथम अध्यक्ष किसे बनाया गया — गोपीलाल यादव

  • 30 दिसंबर 1940 को भरतपुर प्रजा परिषद का पहला सम्मेलन किसकी अध्यक्षता में हुआ — जय नारायण व्यास

  • भरतपुर प्रजा परिषद का दूसरा अधिवेशन 23 मई 1945 को कहाँ आयोजित किया गया — बयाना

  • ब्रज जनप्रतिनिधि समिति का गठन कब किया गया जिसके नेता जुगल किशोर चतुर्वेदी व उप नेता मास्टर आदित्येंद्र बने — 1942

  • 1936 में धौलपुर प्रजामंडल की स्थापना किसने की — कृष्णदत्त पालीवाल

  • स्वामी श्रद्धानंद को किस रियासत में जनचेतना का कार्य करने के लिए जाना जाता है — धौलपुर

  • तसिमो कांड का संबंध किस प्रजामंडल से है — धौलपुर

  • 1938 में त्रिलोकचंद माथुर, चिरंजीलाल शर्मा व मानसिंह ने किस प्रजामंडल की स्थापना की — करौली

  • भूपेंद्र नाथ त्रिवेदी व विनोद चंद्र के द्वारा 1943 में किस प्रजामंडल की स्थापना की गई — बांसवाड़ा

  • भोगीलाल पंड्या ने डूंगरपुर प्रजामंडल की स्थापना कब की — 1944

  • अमृतलाल पाठक व चुन्नीलाल प्रभाकर द्वारा 1945 में किस प्रजामंडल की स्थापना की गई — प्रतापगढ़

  • गोकुलभाई भट्ट व वृद्धिशंकर त्रिवेदी ने सिरोही प्रजामंडल की स्थापना कब की — 1939

10. राजस्थान का एकीकरण

  • रियासतों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए ‘रियासती विभाग’ की स्थापना कब की गई — 5 जुलाई 1947

  • राजस्थान के एकीकरण से संबंधित विशेषताएँ:

    • मेवाड़ सबसे प्राचीन रियासत थी।

    • झालावाड़ सबसे नवीन रियासत थी।

    • मारवाड़ क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ी रियासत थी।

    • शाहपुरा क्षेत्रफल व जनसंख्या की दृष्टि से सबसे छोटी रियासत थी।

  • मेवाड़ में संविधान का प्रारूप किसके द्वारा तैयार किया गया था — के.एम. मुंशी

  • 1 नवंबर 1956 को पुनर्गठन के समय राजस्थान में जिलों की संख्या थी — 26

  • मत्स्य संघ में कौन से जिले शामिल थे — भरतपुर, अलवर, धौलपुर, करौली

  • राजस्थान एकीकरण में कुल कितना समय लगा — 8 वर्ष 7 माह 14 दिन

  • अजमेर-मेरवाड़ा के प्रथम एवं एकमात्र मुख्यमंत्री थे — हरीभाऊ उपाध्याय

  • 25 मार्च 1948 को पूर्व राजस्थान में कितनी रियासतों का विलय हुआ — 9

  • 1 नवंबर 1956 को निम्नलिखित में से किसको मिलाकर राजस्थान के एकीकरण का कार्य पूर्ण किया गया — अजमेर व सुनेल टप्पा

  • राजस्थान के एकीकरण का श्रेय किसको जाता है — सरदार वल्लभभाई पटेल

  • स्वतंत्रता से पूर्व राजस्थान की रियासतें में शांति एवं व्यवस्था का उत्तरदायित्व किस पर था — ए.जी.जी. (Agent to the Governor-General)

  • सरदार पटेल ने 6 चरणों का एकीकरण कराया था, उन्होंने किस चरण में भाग नहीं लिया — सातवें चरण में

  • राजस्थान संभाग के किस राज्य के नरेश ने सर्वप्रथम भारत में सम्मिलित पत्र पर हस्ताक्षर किए — बीकानेर

  • राजस्थान के एकीकरण के समय भरतपुर का शासक कौन था — बृजेंद्र सिंह

  • राजस्थान के प्रथम महाराजप्रमुख महाराणा भूपाल सिंह किस जिले से संबंधित थे — मेवाड़

  • 1949 में वृहद राजस्थान का प्रधानमंत्री किसे बनाया गया था — हीरालाल शास्त्री

  • राजस्थान संघ का निर्माण 25 मार्च 1948 को हुआ, राजप्रमुख किसे बनाया गया — कोटा महाराव

  • राजप्रमुख पद को समाप्त कर राज्यपाल का पदनाम कब दिया गया — 1956

  • मत्स्य संघ की राजधानी किसे बनाया गया — अलवर

  • राजस्थान संघ में किसे शामिल करके ‘संयुक्त राजस्थान’ का निर्माण किया गया — उदयपुर

  • संयुक्त राजस्थान संघ का राजप्रमुख किसे बनाया गया — भूपाल सिंह

  • सिरोही का राजस्थान में विलय कब हुआ — 26 जनवरी 1950

  • एकीकरण के समय किस मारवाड़ नरेश ने पाकिस्तान में मिलने का प्रयास किया — हनुवंत सिंह

  • भारतीय संविधान परिषद में मेवाड़ से भेजे जाने वाले दो प्रतिनिधि थे — सर टी.वी. राघवाचारी और माणिक्यलाल वर्मा

  • राजस्थान राज्य का वर्तमान स्वरूप किस तारीख से है — 1 नवंबर 1956

  • स्वतंत्रता के पश्चात अजमेर-मेरवाड़ा क्षेत्र की प्रथम विधानसभा का क्या नाम था — धारा सभा

  • संयुक्त राजस्थान के प्रधानमंत्री थे — माणिक्यलाल वर्मा

  • वृहद राजस्थान का निर्माण हुआ था — 30 मार्च 1949

  • प्रमुख संघ और उनके प्रधानमंत्री:

    • मत्स्य संघ — शोभाराम कुमावत

    • राजस्थान संघ — गोकुललाल असावा

    • संयुक्त राजस्थान — माणिक्यलाल वर्मा

  • संयुक्त वृहत् राजस्थान कब अस्तित्व में आया — 15 मई 1949

  • वृहत राजस्थान की राजधानी किसे बनाया गया — जयपुर

  • राजस्थान निर्माण के प्रथम चरण में गठित मत्स्य संघ में शामिल रियासतें — अलवर, भरतपुर, धौलपुर एवं करौली

  • मत्स्य संघ का राजस्थान में कब विलय किया गया — 15 मई 1949

  • भारत सरकार ने किस समिति की सिफारिश पर मत्स्य संघ को बृहत् राजस्थान में मिलाया — डॉ. शंकरदेव राय समिति

  • राजस्थान के एकीकरण की प्रक्रिया के समय मत्स्य संघ की वार्षिक आय कितनी थी — 184 लाख रुपये

  • कितने रजवाड़ों एवं राज्यों के एकीकरण से राजस्थान राज्य बना — 19 रियासतें और 3 ठिकाने (कुल 23 इकाइयों/रजवाड़ों का संदर्भ)

  • राजस्थान एकीकरण के दौर में मत्स्य संघ कब अस्तित्व में आया — 25 मार्च 1948

  • राजस्थान निर्माण के प्रथम चरण का नाम ‘मत्स्य संघ’ रखने का सुझाव किसने दिया था — के.एम. मुंशी

  • राजस्थान निर्माण के द्वितीय चरण ‘राजस्थान संघ’ की राजधानी किसे बनाया गया — कोटा

  • 25 और 26 जून 1946 को सर्वप्रथम ‘राजस्थान यूनियन’ के निर्माण का सुझाव किसने दिया था जिसका सम्मेलन उदयपुर में बुलाया गया और उसमें 22 राजा-महाराजा उपस्थित रहे — महाराणा भूपाल सिंह, मेवाड़

  • राजस्थान का एकीकरण कितने चरणों में संपन्न हुआ — 7

  • 30 मार्च 1949 को संयुक्त राजस्थान में निम्नलिखित चार बड़ी रियासतों के विलीनीकरण के बाद वृहद राजस्थान का गठन हुआ — जोधपुर, बीकानेर, जयपुर एवं जैसलमेर

  • मत्स्य संघ की किस रियासत ने संयुक्त वृहत् राजस्थान में विलय में आनाकानी की थी — धौलपुर

  • सुनेल टप्पा, जो मंदसौर जिले का भाग था, का राजस्थान में विलय कब हुआ — 1 नवंबर 1956

  • संयुक्त राजस्थान का उद्घाटन किसके द्वारा किया गया था — जवाहरलाल नेहरू

  • क्षेत्रफल की दृष्टि से स्वतंत्रता के समय सबसे बड़ी रियासत कौन सी थी — मारवाड़

  • मत्स्य संघ का राजप्रमुख किसे बनाया गया था — उदय भान सिंह, धौलपुर

  • मत्स्य संघ का उद्घाटन कहाँ किया गया था — भरतपुर के किले में

  • अजमेर-मेरवाड़ा का राजस्थान में विलय कब हुआ — 1 नवंबर 1956

  • वृहद राजस्थान का उद्घाटन कहाँ किया गया था — जयपुर

  • राजस्थान संघ के विलय पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए किस महाराजा ने कहा था कि ‘मैं अपने डेथ वारंट पर हस्ताक्षर कर रहा हूँ’ — चंद्रवीर सिंह, बांसवाड़ा

  • वृहद राजस्थान के गठन के समय शिक्षा विभाग किस रियासत को प्रदान किया गया था — बीकानेर

  • बीकानेर महाराजा शार्दुल सिंह ने भारत में सम्मिलित होने के लिए दस्तावेजों पर कब हस्ताक्षर किए थे — 7 अगस्त 1947

  • टीकाराम पालीवाल को किस चुनाव के बाद राजस्थान का प्रथम निर्वाचित मुख्यमंत्री बनाया गया था — 1952

  • पी. सत्यनारायणराव समिति की सिफारिश पर रियासतों में विभागों का आवंटन किया गया:

    • राजधानी — जयपुर

    • हाईकोर्ट — जोधपुर

    • खनिज विभाग — उदयपुर

    • वन व सहकारी विभाग — कोटा

    • कृषि विभाग — भरतपुर

    • शिक्षा विभाग — बीकानेर

  • नवंबर 1947 को सिरोही को राजपूताना एजेंसी से हटाकर किस एजेंसी के अंतर्गत रख दिया गया था — गुजरात

  • राजस्थान एकीकरण के समय चर्चा में रहा ‘हातलगाँव’ किस राजनीतिक नेता से संबंधित था जहाँ उनका जन्म हुआ था — गोकुलभाई भट्ट

11. कर्नल जेम्स टॉड के कथन एवं वीरता पुरस्कार (परमवीर, महावीर, अशोक चक्र)

  • “राजस्थान में कोई छोटा सा राज्य भी ऐसा नहीं जिसमें थर्मोपायली जैसी रणभूमि न हो और शायद ही ऐसा कोई नगर न मिले जहाँ लियोनिडस जैसे वीर पुरुष पैदा न हुए हों” — यह कथन किसका है — कर्नल जेम्स टॉड

  • “राजस्थान की भूमि में ऐसा कोई फूल नहीं उगा जो राष्ट्रीय वीरता और त्याग की सुगंध से भरपूर नहीं हुआ हो” — यह कथन किसका है — कर्नल जेम्स टॉड

  • “आओ बच्चों तुम्हें दिखाएँ झांकी हिंदुस्तान की” व “हे मेरे वतन के लोगों” नामक प्रसिद्ध गीत किसने लिखा था — कवि प्रदीप (मूल नाम: रामचंद्र नारायण द्विवेदी)

  • कवि प्रदीप का जन्म 6 फरवरी 1915 को उज्जैन के बड़नगर, मध्य प्रदेश में हुआ था।

  • 1912 में लॉर्ड हार्डिंग को मारने के प्रयास में हुए दिल्ली बम कांड में राजस्थान के कौन से क्रांतिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका थी — प्रताप सिंह बारहठ, जोरावर सिंह बारहठ

  • मेजर पीरू सिंह शेखावत का जन्म 20 मई 1918 को कहाँ हुआ था — रामपुर बेरी, झुंझुनू

  • 18 जुलाई 1948 को कश्मीर में पाकिस्तान के कबायलियों से मुठभेड़ में शहीद हुए मेजर पीरू सिंह शेखावत को परमवीर चक्र मरणोपरांत कब मिला — 1952

  • राजस्थान के किस जिले में मेजर शैतान सिंह का जन्म 1 दिसंबर 1924 को हुआ था — जोधपुर

  • 1962 के भारत-चीन युद्ध में शहीद मेजर शैतान सिंह को किस वर्ष परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया — 1963

  • राजस्थान के किस वीर सपूत को राजस्थान का पहला महावीर चक्र प्रदान किया गया — सूबेदार चुनाराम फागड़िया

  • सूबेदार चुनाराम फागड़िया का जन्म 1923 में डलमास की ढाणी में हुआ, यह किस जिले में है — सीकर

  • सेखला जूनावाशगाँव, जोधपुर में 1 दिसंबर 1923 को जन्मे शहीद सैनिक ढोकल सिंह को मरणोपरांत कौन सा पुरस्कार प्रदान किया गया — महावीर चक्र

  • ब्रिगेडियर रघुवीर सिंह राजावत को राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने किस सम्मान से सम्मानित किया — महावीर चक्र

  • 26 जनवरी 1972 को महावीर चक्र से सम्मानित कर्नल उदय सिंह भाटी का संबंध किस जिले से रहा — शेरगढ़, जोधपुर

  • महावीर चक्र से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल हणूत सिंह का संबंध किस जिले से है — बाड़मेर

  • वीर सपूतों को प्राप्त सम्मान:

    • लेफ्टिनेंट कर्नल सवाई भवानी सिंह — महावीर चक्र

    • ग्रुप कैप्टन चंदन सिंह — महावीर चक्र

    • नायक सुगन सिंह — महावीर चक्र

  • राजस्थान के किस वीर सेनानी को 1971 के युद्ध के बाद पाकिस्तान ने ‘फक्र-ए-हिंद’ से नवाजा था — लेफ्टिनेंट कर्नल हणूत सिंह

  • 13 जून 1999 को तोलोलिंग की चोटी पर तिरंगा फहराने वाले नायक दिगेंद्र कुमार परस्वाल को किस सम्मान से सम्मानित किया गया — महावीर चक्र

  • 1999 को महावीर चक्र से सम्मानित नायक दिगेंद्र कुमार परस्वाल का संबंध किस जिले से है — सीकर

  • राजस्थान के वीर सपूतों को मिले अशोक चक्र:

    • हवलदार शंभू पाल सिंह — 1961

    • सूबेदार लाल सिंह व सूबेदार मानसिंह — 1965

    • सुल्तान सिंह राठौड़ व सूबेदार सुरेश चंद्र यादव — 2003

  • निर्भय सिंह को पंजाब में वीरता पूर्वक बलिदान के लिए 1985 में अशोक चक्र से सम्मानित किया गया, इनका संबंध किस जिले से था — झालावाड़

  • 2006 में कीर्ति चक्र से सम्मानित मेजर जेम्स थॉमस का संबंध किस जिले से है — बीकानेर

  • जमादार छोटू सिंह तथा कैप्टन अरविंद बुरड़क को किस सम्मान से सम्मानित किया गया था — शौर्य चक्र

  • कारगिल युद्ध में भाग लेने वाले स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा तथा नायब सूबेदार रामपाल सिंह को किस सम्मान से सम्मानित किया गया — वीर चक्र

  • पुलवामा हमला कब हुआ था — 14 फरवरी 2019

  • पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन को भारत को कब सौंपा था — 1 मार्च 2019

  • पुलवामा हमले में सीआरपीएफ जवानों पर हमला करने की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली, इसमें राजस्थान के कितने वीर सपूत शहीद हुए थे — 5

  • 15 अगस्त 2019 को विंग कमांडर अभिनंदन को कौन सा पुरस्कार दिया गया — वीर चक्र

  • विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तान के F-16 फाइटर प्लेन को किस लड़ाकू विमान से मार गिराया था — Mig-21

  • पाकिस्तान से लौटने के बाद विंग कमांडर अभिनंदन की पहली पोस्टिंग राजस्थान में कहाँ की गई — सूरतगढ़

  • पुलवामा हमले में शहीद राजस्थान के जवान एवं उनके जिले:

    • हेमराज मीणा — कोटा

    • रोहिताश लांबा — जयपुर

    • जीतराम गुर्जर — भरतपुर

    • नारायण गुर्जर — राजसमंद

    • भागीरथ सिंह — धौलपुर

  • राजस्थान के शौर्य चक्र प्राप्त वीर सेनानी:

    • ब्रिगेडियर बाघ सिंह राठौड़ — बीकानेर

    • कैप्टन नरपत सिंह राठौड़ — जोधपुर

    • मेजर रणवीर सिंह शेखावत — झुंझुनू

  • सीकर के कैप्टन महेंद्र सिंह तंवर को मरणोपरांत 1965 में भारत सरकार ने कौन से अलंकरण से नवाजा था — अशोक चक्र

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