राजस्थान के पशु मेले, विशेषताएँ और महत्वपूर्ण तथ्य | Rajasthan Pashu Mela

Last Updated on August 15, 2026 by KevalKrishan

राजस्थान के प्रमुख पशु मेले (Rajasthan Ke Pashu Mele): संपूर्ण जानकारी और नोट्स

आज के इस आर्टिकल में हम राजस्थान के पशु मेले (Rajasthan Ke Pashu Mele) के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करेंगे। यह टॉपिक राजस्थान की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे RAS, REET, 2nd Grade, 3rd Grade, CET, Patwari आदि) के लिए अति महत्त्वपूर्ण है। संपूर्ण जानकारी प्राप्त करने के लिए पूरे आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें।

राजस्थान में पशु मेले न केवल व्यापार का बड़ा केंद्र हैं, बल्कि यह राज्य की संस्कृति, अर्थव्यवस्था और लोक-परंपरा की पहचान भी हैं। राजस्थान में पशु मेले मुख्य रूप से पशुपालन विभाग द्वारा प्रारंभ और आयोजित किए जाते हैं। इन मेलों में पशुओं के नस्लों की पहचान, क्रय-विक्रय और राजस्व में वृद्धि होती है।

राजस्थान के प्रमुख पशु मेलों की सूची

क्र.सं. पशु मेले का नाम आयोजन स्थल (जिला) मुख्य विशेषता / संबंधित नस्ल
1. चंद्रभागा पशु मेला झालरापाटन (झालावाड़) मालवी नस्ल के बैल, ‘हाड़ौती का सुरंगा मेला’
2. मल्लीनाथ पशु मेला तिलवाड़ा (बालोतरा) थारपारकर, कांकरेज, मालानी घोड़े और ऊँट
3. बलदेव पशु मेला मेड़ता सिटी (नागौर) नागौरी नस्ल के पशु
4. वीर तेजाजी पशु मेला परबतसर (नागौर) नागौरी बैल और बीकानेरी ऊँट
5. रामदेव पशु मेला मानासर (नागौर) नागौरी नस्ल के बैल
6. गोमती सागर पशु मेला झालरापाटन (झालावाड़) मालवी नस्ल, हाड़ौती का सबसे बड़ा पशु मेला
7. गोगामेड़ी पशु मेला गोगामेड़ी, नोहर (हनुमानगढ़) हरियाणवी नस्ल, सबसे लंबी अवधि का मेला
8. जसवंत पशु मेला भरतपुर हरियाणवी नस्ल के बैल
9. कार्तिक पुष्कर पशु मेला पुष्कर (अजमेर) गिर नस्ल, सर्वाधिक ऊँटों की बिक्री, रंगीन मेला
10. महाशिवरात्रि पशु मेला करौली हरियाणवी नस्ल के पशु
11. सेवड़िया पशु मेला रानीवाड़ा (सांचौर) स्थानीय पशु व्यापार
12. बजरंग पशु मेला सिणधरी (बालोतरा) क्षेत्रीय पशु व्यापार
13. बसंती पशु मेला रूपवास (भरतपुर) स्थानीय व्यापार
14. आमेट का पशु मेला आमेट (राजसमंद) क्षेत्रीय व्यापार
15. बहरोड़ पशु मेला बहरोड़ (अलवर) मुर्राह भैंस (मुर्रा नस्ल) के लिए प्रसिद्ध
16. गधों का मेला लूणियावास (जयपुर ग्रामीण) गधों के क्रय-विक्रय के लिए प्रसिद्ध

राजस्थान के प्रमुख पशु मेलों का विस्तृत विवरण

1. चंद्रभागा पशु मेला

  • आयोजन स्थल: झालरापाटन (झालावाड़)

  • समय: कार्तिक शुक्ल एकादशी से मार्गशीर्ष कृष्ण पंचमी तक।

  • विशेषता: इस पशु मेले में मालवी नस्ल के बैलों की भारी संख्या में खरीद होती है। इसे ’हाड़ौती का सुरंगा मेला’ कहा जाता है।

2. मल्लीनाथ पशु मेला

  • आयोजन स्थल: तिलवाड़ा (बालोतरा)

  • समय: चैत्र कृष्ण एकादशी से चैत्र शुक्ल एकादशी तक।

  • विशेषता: यह राजस्थान का सबसे प्राचीन पशु मेला है, जो लूनी नदी के किनारे भरता है। यह वीर योद्धा रावल मल्लिनाथ की स्मृति में आयोजित होता है। इसमें सर्वाधिक थारपारकर, कांकरेज नस्ल के पशु तथा मालानी नस्ल के घोड़े और ऊँट बिकते हैं।

3. बलदेव पशु मेला

  • आयोजन स्थल: मेड़ता सिटी (नागौर)

  • समय: चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से पूर्णिमा तक।

  • विशेषता: यह मेला प्रसिद्ध किसान नेता बलदेव राम जी मिर्धा की स्मृति में आयोजित किया जाता है। यहाँ सर्वाधिक नागौरी नस्ल के पशुओं की बिक्री होती है।

4. वीर तेजाजी पशु मेला

  • आयोजन स्थल: परबतसर (नागौर)

  • समय: श्रावण पूर्णिमा से भाद्रपद अमावस्या तक।

  • विशेषता: यह लोकदेवता तेजाजी की याद में आयोजित किया जाता है। इस पशु मेले की शुरुआत जोधपुर के महाराजा अजीत सिंह ने यहाँ तेजाजी का देवल बनाकर एवं मूर्ति स्थापित कर की थी। यह नागौरी बैलों और बीकानेरी ऊँटों के लिए प्रसिद्ध है।

5. रामदेव पशु मेला

  • आयोजन स्थल: मानासर (नागौर)

  • समय: माघ शुक्ल प्रतिपदा से माघ पूर्णिमा तक।

  • विशेषता: लोकदेवता रामदेव जी की याद में आयोजित इस मेले के प्रणेता मारवाड़ के श्री उम्मेद सिंह जी को माना जाता है। यहाँ नागौरी किस्म के बैलों की सर्वाधिक बिक्री होती है।

6. गोमती सागर पशु मेला

  • आयोजन स्थल: झालरापाटन (झालावाड़)

  • समय: वैशाख शुक्ल त्रयोदशी से ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी तक।

  • विशेषता: यह हाड़ौती का सबसे बड़ा पशु मेला है जो मालवी नस्ल से संबंधित है।

7. गोगामेड़ी पशु मेला

  • आयोजन स्थल: गोगामेड़ी, नोहर तहसील (हनुमानगढ़)

  • समय: श्रावण पूर्णिमा से भाद्रपद पूर्णिमा तक।

  • विशेषता: यह लोकदेवता गोगाजी के समाधि स्थल पर भरता है तथा हरियाणवी नस्ल से संबंधित है। यह राजस्थान का सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला पशु मेला है।

8. जसवंत पशु मेला

  • आयोजन स्थल: भरतपुर

  • समय: आश्विन शुक्ल पंचमी से चतुर्दशी तक।

  • विशेषता: भरतपुर रियासत के महाराजा जसवंत सिंह की याद में यहाँ प्रदर्शनी लगती है। यह हरियाणवी नस्ल के बैलों के लिए प्रसिद्ध है और वर्तमान में आय की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा पशु मेला है।

9. कार्तिक पुष्कर पशु मेला

  • आयोजन स्थल: पुष्कर (अजमेर)

  • समय: कार्तिक पूर्णिमा को।

  • विशेषता: इसे ’राजस्थान/मेरवाड़ा का कुंभ’ और रंगीन मेला कहा जाता है। यह राजस्थान का सबसे बड़ा राज्यस्तरीय पशु मेला है, जहाँ सर्वाधिक ऊँटों की बिक्री होती है और विदेशी सैलानी बड़ी संख्या में आते हैं। यहाँ दीपदान परंपरा का आयोजन भी किया जाता है।

10. महाशिवरात्रि पशु मेला

  • आयोजन स्थल: करौली

  • समय: माघ पूर्णिमा से फाल्गुन कृष्ण सप्तमी तक।

  • विशेषता: शिवरात्रि के पास आयोजित होने के कारण इसे महाशिवरात्रि पशुमेला कहते हैं। इसमें हरियाणवी नस्ल के पशुओं की बिक्री सर्वाधिक होती है। इसमें राजस्थान, मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश के व्यापारी आते हैं।

11. अन्य महत्वपूर्ण मेले

  • सेवड़िया पशु मेला: रानीवाड़ा (सांचौर) – चैत्र शुक्ल एकादशी।

  • बजरंग पशु मेला: सिणधरी (बालोतरा) – मार्गशीर्ष कृष्ण तृतीया।

  • बसंती पशु मेला: रूपवास (भरतपुर) – माघ अमावस्या से माघ शुक्ल अष्टमी।

  • आमेट का पशु मेला: आमेट (राजसमंद)।

  • बहरोड़ पशु मेला: बहरोड़ (अलवर) – मुर्राह भैंस (मुर्रा नस्ल) के व्यापार के लिए प्रसिद्ध।

  • गधों का मेला: लूणियावास (जयपुर ग्रामीण) – माघ शुक्ल सप्तमी को गधों के लिए भरता है।

राजस्थान के पशु मेलों से संबंधित महत्त्वपूर्ण परीक्षापयोगी तथ्य

  • राजस्थान में सर्वाधिक पशु मेले नागौर जिले में लगते हैं।

  • आय की दृष्टि से राजस्थान का सबसे बड़ा राज्यस्तरीय पशु मेला जसवंत पशु मेला (भरतपुर) है।

  • राजस्थान का सबसे प्राचीन पशु मेला मल्लीनाथ पशु मेला (तिलवाड़ा) है।

  • हाड़ौती अंचल का सबसे बड़ा पशु मेला गोमती सागर पशु मेला (झालावाड़) है।

  • चंद्रभागा पशु मेले को ’हाड़ौती का सुरंगा मेला’ कहा जाता है।

  • राजस्थान का सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला पशु मेला गोगामेड़ी पशु मेला (हनुमानगढ़) है।

  • राजस्थान का सबसे बड़ा राज्यस्तरीय मेला कार्तिक पशु मेला (पुष्कर, अजमेर) है।

  • राजस्थान में पशु मेले पशुपालन विभाग द्वारा प्रारंभ और आयोजित किए जाते हैं, जिससे राज्य की राजस्व आय में वृद्धि होती है।

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