Last Updated on October 23, 2026 by KevalKrishan
राजस्थान MSME नीति 2024 राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए बनी सरकार की मुख्य नीति है, जो 31 मार्च 2029 तक लागू रहेगी। इसमें निवेश सब्सिडी, अतिरिक्त ब्याज अनुदान, तकनीक व गुणवत्ता सहायता, मेले-प्रदर्शनियों और ई-कॉमर्स पर प्रोत्साहन जैसे कई लाभ एक जगह दिए गए हैं। यह लेख आधिकारिक नीति दस्तावेज़ के आधार पर इन सभी प्रावधानों को आसान भाषा में समझाता है और RAS, पटवारी, REET व अन्य परीक्षाओं के लिए टिप्स, नोट्स और 12 MCQ देता है।
अंतिम अपडेट: 23 अक्टूबर 2026
- क्या है: MSME के विकास के लिए राजस्थान सरकार की नीति
- वैधता: अधिसूचना से 31 मार्च 2029 तक
- किसकी जगह: MSME पॉलिसी पैकेज 2022
- मुख्य लाभ: निवेश सब्सिडी, ब्याज अनुदान, तकनीक व गुणवत्ता सहायता, मेले, ई-कॉमर्स
- निगरानी: राज्य स्तरीय समीक्षा समिति (SLRC); प्रस्ताव DLTFC / HLTFC
- विभाग: उद्योग एवं वाणिज्य विभाग
राजस्थान MSME नीति 2024 क्या है?
यह राज्य सरकार की वह नीति है जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को शुरुआत से लेकर विस्तार तक हर चरण पर मदद देने के लिए बनाई गई है। नीति की भूमिका में कहा गया है कि इसका लक्ष्य “वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और स्थानीय रूप से उपयोगी” MSME क्षेत्र तैयार करना है। सरकार ने इसे उद्यमियों के लिए “वन स्टॉप शॉप” की तरह रखा है, यानी राज्य के ज़्यादातर MSME प्रोत्साहन एक ही दस्तावेज़ में मिल जाएँ।
यह नीति 2022 के MSME पॉलिसी पैकेज की जगह लेती है। इसके कई लाभ सीधे राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024 से जुड़े हैं, इसलिए नीति पढ़ते समय दोनों को साथ रखकर समझना ज़रूरी है।
नीति के मुख्य तथ्य (Fact Sheet)
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| नीति का नाम | राजस्थान MSME नीति 2024 |
| लागू होने की तिथि | राजपत्र में अधिसूचना की तिथि से |
| वैधता | 31 मार्च 2029 तक |
| किसका स्थान लिया | MSME पॉलिसी पैकेज 2022 |
| प्रशासनिक विभाग | उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान सरकार |
| क्रियान्वयन | आयुक्त, उद्योग एवं वाणिज्य कार्यालय (आयुक्त निर्यात भी यही हैं) |
| निगरानी | राज्य स्तरीय समीक्षा समिति (SLRC) |
| ₹10 करोड़ तक के प्रस्ताव | ज़िला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी (DLTFC) |
| ₹10 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव | उच्च स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी (HLTFC) |
| खास वर्ग | महिला, SC, ST, दिव्यांग (40% या अधिक) और 35 वर्ष से कम आयु के उद्यमी |

नीति की पृष्ठभूमि: राजस्थान की अर्थव्यवस्था में MSME
नीति के प्रस्तावना खंड के अनुसार देश में MSME क्षेत्र विनिर्माण उत्पादन में लगभग 36% और निर्यात में 45% से अधिक योगदान देता है। राजस्थान क्षेत्रफल में देश का सबसे बड़ा राज्य है और 2022-23 में GSDP के हिसाब से सातवें स्थान पर था, जिसकी वृद्धि दर लगभग 10% रही।
| क्षेत्र | GSVA में हिस्सा |
|---|---|
| कृषि व संबद्ध (2022-23) | 28.95% |
| उद्योग (2021-22) | 27.31% |
| सेवा क्षेत्र (2022-23) | 43.74% |
राज्य में रत्न-आभूषण, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, ऑटो कलपुर्ज़े, वस्त्र, चमड़ा और डाइमेंशनल स्टोन में MSME का मज़बूत आधार बताया गया है।
नीति के छह प्रमुख लक्ष्य
- नए उद्यम स्थापित करने के लिए सहायता देकर उद्यमिता को बढ़ावा।
- कॉमन फैसिलिटी सेंटर और टेस्टिंग लैब के ज़रिए क्लस्टर आधारित तकनीकी उन्नयन।
- निजी और सरकारी क्रेताओं से जोड़कर बाज़ार संपर्क मज़बूत करना।
- MSME के लिए औद्योगिक अवसंरचना सुधारना।
- उत्पाद मानकीकरण और गुणवत्ता प्रमाणन को बढ़ावा।
- योजना प्रोत्साहनों और ऋण सुविधा से कर्ज़ की उपलब्धता बढ़ाना।
RIPS 2024 के तहत MSME को मिलने वाले लाभ
नीति कहती है कि MSME निर्माण और सेवा, दोनों क्षेत्रों में RIPS 2024 के प्रोत्साहन ले सकते हैं। इनमें ये शामिल हैं:
- निवेश सब्सिडी: 10 वर्ष तक जमा किए गए राज्य कर का 75% वापस, और चुनिंदा श्रेणियों के लिए पूँजी सब्सिडी।
- ब्याज अनुदान।
- स्टाम्प ड्यूटी, बिजली शुल्क, मंडी शुल्क और भू-रूपांतरण शुल्क में छूट या प्रतिपूर्ति।
- रोज़गार सृजन सब्सिडी और पूँजी जुटाने पर प्रोत्साहन।
- क्लस्टर प्रोत्साहन, हरित विकास प्रोत्साहन और निर्यात प्रोत्साहन (राज्य के ICD या एयर कार्गो परिसर से माल भाड़े पर)।
- कौशल प्रशिक्षण प्रोत्साहन और बौद्धिक संपदा (IP) निर्माण प्रोत्साहन।
अतिरिक्त निवेश को RIPS 2024 में नया निवेश माना जाएगा। एक ही तरह का लाभ राज्य की एक से अधिक नीतियों से नहीं लिया जा सकता।
नीति की वित्तीय सहायता योजनाएँ
1. संपत्ति सृजन प्रोत्साहन (Asset Creation Incentive)
| प्रकार | प्रावधान |
|---|---|
| निवेश सब्सिडी | 10 वर्ष तक जमा किए गए राज्य कर का 75% वापस |
| प्लास्टिक के विकल्प बनाने वाली इकाई | पूँजी निवेश का 50%, अधिकतम ₹40 लाख |
| कृषि व खाद्य प्रसंस्करण इकाई | पूँजी निवेश का 50%, अधिकतम ₹1.5 करोड़ |
| FPO / जनजातीय उप-योजना क्षेत्र | SC/ST/महिला स्वामित्व वाले FPO या जनजातीय उप-योजना क्षेत्र की इकाइयों को 5% अतिरिक्त पूँजी सब्सिडी |
2. नए उद्यम / विस्तार पर अतिरिक्त ब्याज अनुदान
| संयंत्र व मशीनरी के लिए ऋण | RIPS 2024 के ऊपर अतिरिक्त ब्याज अनुदान |
|---|---|
| ₹5 करोड़ तक | 2% |
| ₹5 करोड़ से ₹10 करोड़ | 1% |
| ₹10 करोड़ से ₹50 करोड़ | 0.5% |
ब्याज अनुदान की अवधि वही रहेगी जो RIPS 2024 में MSME के लिए तय है। ₹5 करोड़ से कम के बिना गारंटी (कोलैटरल-फ्री) ऋण पर CGTMSE के तहत सदस्य ऋणदाता संस्थाओं को दिया गया वार्षिक गारंटी शुल्क 7 वर्ष तक पूरा (100%) वापस मिलेगा।
3. अन्य सहायताएँ
| सहायता | प्रावधान |
|---|---|
| पूँजी जुटाना (SME IPO) | NSE/BSE के SME प्लेटफ़ॉर्म से सफलतापूर्वक इक्विटी जुटाने पर एकमुश्त अधिकतम ₹15 लाख |
| तकनीक/सॉफ़्टवेयर अधिग्रहण | सूक्ष्म व लघु इकाइयों को 50% तक, अधिकतम ₹5 लाख प्रति इकाई (IISc, IIT, NIT, NID, CSIR जैसे संस्थानों से) |
| गुणवत्ता प्रमाणन | BIS, FSSAI, ISO, ZED, IPR आदि पर खर्च का 50%, अधिकतम ₹3 लाख (एकमुश्त) |
| हरित व नवीकरणीय ऊर्जा (कुल सीमा ₹1 करोड़) | पर्यावरण परियोजनाओं पर 50%; स्वच्छ उत्पादन तकनीक की मशीनरी लागत का 10%; कैप्टिव नवीकरणीय ऊर्जा पर 7 वर्ष तक 100% बिजली शुल्क छूट; ग्रीन रेटिंग उद्योगों को 50% सहमति शुल्क माफ़ी |
| SIDBI ग्रीन फाइनेंस | संबंधित ऋण पर 6% ब्याज अनुदान |
| कौशल विकास | 6 माह तक प्रशिक्षण खर्च का 50% – सूक्ष्म ₹20,000, लघु ₹30,000, मध्यम ₹40,000 प्रति माह तक |
4. बाज़ार विकास – मेले और प्रदर्शनियाँ
| आयोजन | सहायता | वर्ष में अधिकतम |
|---|---|---|
| राजस्थान में राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय मेला | ₹37,500 या स्टॉल किराए का 75%, जो कम हो | 3 आयोजन |
| राजस्थान के बाहर देश में | ₹1,12,500 या स्टॉल किराए का 75% | 2 आयोजन |
| विदेश में | ₹1,50,000 या स्टॉल किराए का 75% | 1 आयोजन |
इसके साथ 2 व्यक्तियों का आवागमन किराया भी मिलता है (देश में 3-AC रेल या AC बस; विदेश के लिए इकोनॉमी हवाई यात्रा)। एक श्रेणी में लाभ लेने के बाद अगले दो वित्त वर्ष उसी श्रेणी में दोबारा लाभ नहीं मिलता।
5. ई-कॉमर्स और डिजिटलीकरण
- कारोबारी प्रक्रिया के डिजिटलीकरण (POS, बारकोड स्कैनर, इन्वेंट्री सॉफ़्टवेयर) पर खर्च का 75%, अधिकतम ₹50,000 प्रति MSME।
- ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म की फीस (शिपिंग छोड़कर) का 75%, अधिकतम ₹50,000; सहायता केवल एक प्लेटफ़ॉर्म के लिए।
गैर-वित्तीय पहल
- RIICO का लैंड बैंक बढ़ाना, RIICO क्षेत्रों में MSME के लिए प्लॉट आरक्षित करना और किफ़ायती दर पर ज़मीन के लिए फ्लैटेड (बहुमंज़िला) संरचनाओं पर ज़ोर।
- नीति के क्रियान्वयन के लिए समर्पित पोर्टल; पोर्टल चालू होने पर आवेदन ऑनलाइन।
- केंद्र के MSME मंत्रालय से नए टेक्नोलॉजी सेंटर खुलवाने का प्रयास।
- श्रमिकों व पर्यवेक्षकों के लिए छोटे प्रशिक्षण कार्यक्रम, उद्यमियों के लिए प्रबंधन प्रशिक्षण और तकनीकी मेंटरशिप।
- सरकारी विभागों में MSME उत्पादों की खरीद और दृश्यता बढ़ाना।
- राजस्थान निर्यात संवर्धन परिषद (REPC) के साथ निर्यात प्रक्रिया, बाज़ार जानकारी और तकनीकी उत्पाद प्रशिक्षण।
संस्थागत ढाँचा: कौन-सी समिति क्या करेगी?
| समिति | अध्यक्ष | काम |
|---|---|---|
| राज्य स्तरीय समीक्षा समिति (SLRC) | ACS / प्रमुख सचिव / सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य | नीति की निगरानी, भूमिकाएँ और लक्ष्य तय करना, प्रावधानों की व्याख्या या छूट, दिशानिर्देश बनाना |
| उच्च स्तरीय टास्क फोर्स (HLTFC) | आयुक्त, उद्योग एवं वाणिज्य | प्रस्तावों की जाँच और मंज़ूरी (₹10 करोड़ से ऊपर) |
| ज़िला स्तरीय टास्क फोर्स (DLTFC) | ज़िला कलेक्टर या ADM से नीचे के स्तर का नहीं | प्रस्तावों की जाँच और मंज़ूरी (₹10 करोड़ तक) |
नीति की किसी धारा की व्याख्या, संशोधन या अद्यतन का अंतिम निर्णय उद्योग एवं वाणिज्य विभाग का होगा।
- तारीख़ और संख्याएँ याद रखिए: वैधता 31 मार्च 2029, निवेश सब्सिडी 75%, 10 वर्ष।
- अतिरिक्त ब्याज अनुदान का क्रम 2% – 1% – 0.5% है (₹5 करोड़ तक, 5–10 करोड़, 10–50 करोड़)।
- सीमा वाली राशियाँ अलग-अलग याद कीजिए: ₹40 लाख (प्लास्टिक विकल्प), ₹1.5 करोड़ (कृषि/खाद्य), ₹15 लाख (SME IPO), ₹5 लाख (तकनीक), ₹3 लाख (गुणवत्ता)।
- समितियों के नाम-स्तर मिलाइए: SLRC राज्य स्तर, HLTFC आयुक्त के नेतृत्व में, DLTFC कलेक्टर के नेतृत्व में।
- एक ही लाभ राज्य की एक से अधिक नीतियों से नहीं मिलता, यह बिंदु अक्सर कथन वाले प्रश्नों में आता है।
💡 याद रखने की ट्रिक: “SDH” – SLRC (निगरानी), DLTFC (₹10 करोड़ तक), HLTFC (₹10 करोड़ से ऊपर)।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (One-Liner)
- राजस्थान MSME नीति 2024 अधिसूचना से 31 मार्च 2029 तक लागू है।
- यह MSME पॉलिसी पैकेज 2022 की जगह आई है।
- निवेश सब्सिडी: 10 वर्ष तक राज्य कर का 75%।
- कृषि व खाद्य प्रसंस्करण पर पूँजी सब्सिडी 50%, अधिकतम ₹1.5 करोड़।
- प्लास्टिक के विकल्प बनाने वाली इकाई को 50%, अधिकतम ₹40 लाख।
- SME IPO खर्च पर अधिकतम ₹15 लाख की एकमुश्त सहायता।
- तकनीक अधिग्रहण पर 50%, अधिकतम ₹5 लाख; गुणवत्ता प्रमाणन पर 50%, अधिकतम ₹3 लाख।
- डिजिटलीकरण व ई-कॉमर्स दोनों पर अधिकतम ₹50,000 की प्रतिपूर्ति (75%)।
- प्रस्तावों की मंज़ूरी: ₹10 करोड़ तक DLTFC, उससे ऊपर HLTFC।
- नीति का क्रियान्वयन आयुक्त, उद्योग एवं वाणिज्य कार्यालय करता है।
राजस्थान MSME नीति 2024 – महत्वपूर्ण MCQ (उत्तर सहित)
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1राजस्थान MSME नीति 2024 अधिसूचना की तिथि से कब तक प्रभावी रहेगी?
(अ) 31 मार्च 2027
(ब) 31 मार्च 2028
(स) 31 मार्च 2029
(द) 31 मार्च 2030
👉 उत्तर देखें
नीति राजपत्र में अधिसूचना की तिथि से 31 मार्च 2029 तक लागू रहेगी।
2राजस्थान MSME नीति 2024 ने किसका स्थान लिया?
(अ) राजस्थान औद्योगिक नीति 2019
(ब) MSME पॉलिसी पैकेज 2022
(स) निवेश प्रोत्साहन योजना 2022
(द) स्टार्टअप नीति 2022
👉 उत्तर देखें
नीति के अनुसार यह Policy Package for Micro, Small and Medium Enterprises, 2022 का स्थान लेती है।
3RIPS 2024 के तहत MSME को मिलने वाली निवेश सब्सिडी का स्वरूप क्या है?
(अ) 10 वर्ष तक राज्य कर का 75% वापस
(ब) 5 वर्ष तक राज्य कर का 100% वापस
(स) 10 वर्ष तक राज्य कर का 50% वापस
(द) 7 वर्ष तक राज्य कर का 75% वापस
👉 उत्तर देखें
संपत्ति सृजन प्रोत्साहन में 10 वर्ष तक जमा राज्य कर के 75% की प्रतिपूर्ति का प्रावधान है।
4नीति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
(A) SME प्लेटफ़ॉर्म से पूँजी जुटाने पर अधिकतम ₹15 लाख की एकमुश्त सहायता है।
(B) तकनीक अधिग्रहण पर 50% तक, अधिकतम ₹5 लाख सहायता है।
(C) गुणवत्ता प्रमाणन पर अधिकतम ₹3 लाख की सहायता है।
(D) गुणवत्ता प्रमाणन के खर्च का 100% वापस मिलता है।
(अ) केवल A और B
(ब) केवल A, B और C
(स) केवल B, C और D
(द) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें
A, B और C सही हैं। गुणवत्ता प्रमाणन पर 50% सहायता दी जाती है, 100% नहीं, इसलिए D गलत है।
5कथन-कारण आधारित प्रश्न:
अभिकथन (A): नीति में कोलैटरल-फ्री ऋण पर CGTMSE का वार्षिक गारंटी शुल्क 7 वर्ष तक वापस किया जाता है।
कारण (R): नीति का एक उद्देश्य MSME तक ऋण की पहुँच बढ़ाना है।
(अ) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
(ब) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
(स) A सही है, पर R गलत है
(द) A गलत है, पर R सही है
👉 उत्तर देखें
₹5 करोड़ से कम के कोलैटरल-फ्री ऋण पर 7 वर्ष तक गारंटी शुल्क की 100% प्रतिपूर्ति का उद्देश्य MSME के लिए कर्ज़ आसान बनाना है, इसलिए R, A की सही व्याख्या है।
6सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए (अतिरिक्त ब्याज अनुदान):
| सूची I | सूची II |
|---|---|
| A. ₹5 करोड़ तक का ऋण | I. 2% |
| B. ₹5–10 करोड़ का ऋण | II. 1% |
| C. ₹10–50 करोड़ का ऋण | III. 0.5% |
| D. SIDBI ग्रीन फाइनेंस ऋण | IV. 6% |
(अ) A-I, B-II, C-III, D-IV
(ब) A-II, B-I, C-III, D-IV
(स) A-I, B-III, C-II, D-IV
(द) A-IV, B-II, C-III, D-I
👉 उत्तर देखें
₹5 करोड़ तक – 2%; ₹5–10 करोड़ – 1%; ₹10–50 करोड़ – 0.5%; SIDBI ग्रीन फाइनेंस – 6%।
7मेले/प्रदर्शनी में भाग लेने पर मिलने वाली अधिकतम सहायता को बढ़ते क्रम में रखिए:
1. विदेश में आयोजित मेला
2. राजस्थान में आयोजित मेला
3. राजस्थान के बाहर देश में आयोजित मेला
(अ) 1, 2, 3
(ब) 2, 3, 1
(स) 3, 2, 1
(द) 2, 1, 3
👉 उत्तर देखें
राजस्थान में ₹37,500 (2) < देश में राजस्थान के बाहर ₹1,12,500 (3) < विदेश में ₹1,50,000 (1)।
8₹10 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों की जाँच किस समिति द्वारा होती है?
(अ) DLTFC
(ब) HLTFC
(स) SLRC
(द) ज़िला स्तरीय निगरानी समिति
👉 उत्तर देखें
₹10 करोड़ तक DLTFC और उससे ऊपर HLTFC (अध्यक्ष – आयुक्त, उद्योग एवं वाणिज्य) प्रस्ताव देखती है।
9कृषि व खाद्य प्रसंस्करण इकाई को नीति के अनुसार पूँजी सब्सिडी की अधिकतम सीमा क्या है?
(अ) ₹40 लाख
(ब) ₹75 लाख
(स) ₹1 करोड़
(द) ₹1.5 करोड़
👉 उत्तर देखें
पूँजी निवेश का 50%, अधिकतम ₹1.5 करोड़। प्लास्टिक विकल्प बनाने वाली इकाई के लिए यह सीमा ₹40 लाख है।
10कौशल विकास सहायता में लघु इकाई को प्रति माह अधिकतम कितनी प्रतिपूर्ति मिलती है?
(अ) ₹20,000
(ब) ₹30,000
(स) ₹40,000
(द) ₹50,000
👉 उत्तर देखें
सूक्ष्म इकाई को ₹20,000, लघु को ₹30,000 और मध्यम को ₹40,000 प्रति माह तक (6 माह के प्रशिक्षण खर्च का 50%)।
11राज्य स्तरीय समीक्षा समिति (SLRC) की अध्यक्षता कौन करता है?
(अ) मुख्यमंत्री
(ब) उद्योग मंत्री
(स) ACS / प्रमुख सचिव / सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य
(द) आयुक्त, उद्योग एवं वाणिज्य
👉 उत्तर देखें
SLRC के अध्यक्ष ACS, प्रमुख सचिव या सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग होते हैं; आयुक्त उसके सदस्य सचिव हैं।
12ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म की फीस पर नीति में अधिकतम कितनी प्रतिपूर्ति का प्रावधान है?
(अ) ₹25,000
(ब) ₹50,000
(स) ₹75,000
(द) ₹1 लाख
👉 उत्तर देखें
शिपिंग शुल्क छोड़कर कुल फीस का 75%, अधिकतम ₹50,000 प्रति MSME, वह भी केवल एक प्लेटफ़ॉर्म के लिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
❓ राजस्थान MSME नीति 2024 कब तक लागू है?
❓ MSME नीति 2024 में निवेश सब्सिडी कितनी है?
❓ क्या महिलाओं और SC/ST उद्यमियों के लिए अलग प्रावधान हैं?
❓ आवेदन कैसे करना होगा?
❓ क्या एक इकाई कई नीतियों से एक ही लाभ ले सकती है?
❓ MSME नीति और ODOP नीति में क्या संबंध है?
निष्कर्ष
राजस्थान MSME नीति 2024 उद्यमियों को शुरुआत से विस्तार तक वित्तीय और गैर-वित्तीय मदद देती है। परीक्षा के लिए इसकी वैधता, निवेश सब्सिडी, अतिरिक्त ब्याज अनुदान, अलग-अलग सहायता की सीमाएँ और समितियों की भूमिका सबसे ज़रूरी हैं।