Last Updated on October 23, 2026 by KevalKrishan
राजस्थान ODOP नीति 2024 (एक ज़िला एक उत्पाद नीति) राज्य के 50 ज़िलों के विशिष्ट उत्पादों को बढ़ावा देने वाली नीति है, जो 31 मार्च 2029 तक लागू रहेगी। इसमें नए उद्यमों को मार्जिन मनी, तकनीक, गुणवत्ता, ई-कॉमर्स और मेलों में सहायता के साथ ODOP फंड, ब्रांड राजस्थान और यूनिटी मॉल जैसी पहल हैं। यह लेख आधिकारिक नीति दस्तावेज़ के आधार पर सभी प्रावधान आसान भाषा में बताता है और परीक्षा के लिए टिप्स, नोट्स और 12 MCQ देता है।
अंतिम अपडेट: 23 अक्टूबर 2026
- क्या है: हर ज़िले के चुने उत्पादों के विकास की नीति
- वैधता: 31 मार्च 2029 तक
- मुख्य सहायता: मार्जिन मनी (सूक्ष्म 25%, लघु 15%), तकनीक, प्रमाणन, ई-कॉमर्स, मेले
- पोर्टल: ODOPRAJ
- प्रशासनिक निकाय: निर्यात एवं ODOP संवर्धन प्रकोष्ठ (EOPC)
- शर्त: इकाई के टर्नओवर का कम से कम 50% ODOP उत्पाद से
राजस्थान ODOP नीति 2024 क्या है?
ODOP का मतलब है “एक ज़िला एक उत्पाद” (One District One Product)। राजस्थान में हर ज़िले की अपनी पहचान वाले उत्पाद या शिल्प हैं, जैसे सिरोही की मार्बल नक्काशी और भरतपुर का शहद व कृषि उत्पाद। नीति के अनुसार इस विविधता का नुकसान यह रहा कि विकास के प्रयास बिखरे रहे और बाज़ार तक पहुँच कमज़ोर रही। ODOP नीति इन प्रयासों को एक जगह जोड़कर हर ज़िले की मुख्य ताक़त को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार तक पहुँचाना चाहती है।
नीति में 50 ज़िलों के लिए स्थानीय संसाधन, मौजूदा MSME ढाँचे, जनसांख्यिकी और विकास की संभावना के आधार पर उत्पाद चुने गए हैं। इसका सीधा लाभ कारीगरों, शिल्पकारों, किसानों और निर्माताओं के साथ मज़दूरों, प्रोसेसरों और निर्यातकों को मिलता है।
नीति के मुख्य तथ्य (Fact Sheet)
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| नीति का नाम | राजस्थान एक ज़िला एक उत्पाद (ODOP) नीति 2024 |
| वैधता | राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से 31 मार्च 2029 तक |
| उत्पाद चयन | 50 ज़िलों के लिए, उद्योग आयुक्त कार्यालय समय-समय पर घोषित करता है |
| प्रशासनिक विभाग | उद्योग एवं वाणिज्य (समूह-1) विभाग |
| प्रशासनिक इकाई | निर्यात एवं ODOP संवर्धन प्रकोष्ठ (EOPC), आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य कार्यालय |
| परियोजना प्रबंधन | प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU), 8-10 सदस्य तक |
| पोर्टल | ODOPRAJ |
| निगरानी | राज्य स्तरीय समीक्षा समिति (SLRC); प्रस्ताव DLTFC द्वारा |
| ODOP इकाई की शर्त | कुल टर्नओवर का कम से कम 50% स्वीकृत ODOP उत्पाद से |

नीति के उद्देश्य
- हर ज़िले को ODOP उत्पादों के निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करना।
- ODOP ढाँचे के भीतर उत्पादों की टिकाऊ वृद्धि बनाए रखना।
- कारीगरों, किसानों और निर्माताओं की आय व स्थानीय रोज़गार बढ़ाना।
- उत्पाद के डिज़ाइन, गुणवत्ता और बाज़ार योग्यता में सुधार।
- कारीगरों और कामगारों का कौशल, अपस्किलिंग और रीस्किलिंग।
- ODOP के लिए भौतिक व सामाजिक एकीकृत अवसंरचना तैयार करना।
- राज्य व केंद्र की अन्य योजनाओं से तालमेल।
- सभी हितधारकों को हैंडहोल्डिंग सहायता।
प्रमुख विशेषताएँ
| पहलू | क्या किया जाएगा |
|---|---|
| उत्पाद चयन | स्थानीय संसाधन, निर्यात संभावना, विशिष्टता, विस्तार क्षमता, ऐतिहासिक महत्व, बाज़ार में मौजूदगी, रोज़गार क्षमता और GI टैग की संभावना जैसे मापदंड |
| पूँजी | नए उद्यमों के लिए ऋण सहायता और वित्तीय प्रोत्साहन |
| नवाचार व डिज़ाइन | डिजिटलीकरण, तकनीकी उन्नयन और उत्पाद डिज़ाइन में मदद |
| गुणवत्ता | प्रमाणन कार्यक्रम और मानक |
| पर्यावरण | पर्यावरणीय टिकाऊपन और ESG को बढ़ावा |
| अवसंरचना | क्लस्टर आधारित एकीकृत सुविधाएँ |
| कौशल | उत्पाद-विशेष प्रशिक्षण |
| मार्केटिंग | ब्रांडिंग और प्रचार, घरेलू व विदेशी बाज़ार |
| निर्यात | निर्यातकों की संख्या और निर्यात बढ़ाने की रणनीति |
वित्तीय सहायता योजनाएँ
1. नए उद्यम के लिए मार्जिन मनी
| उद्यम | मार्जिन मनी | अधिकतम सीमा |
|---|---|---|
| नया सूक्ष्म उद्यम | पात्र परियोजना लागत का 25% | ₹15 लाख |
| नया लघु उद्यम | पात्र परियोजना लागत का 15% | ₹20 लाख |
| SC/ST, महिला, दिव्यांग (PwBD) या 35 वर्ष से कम आयु के उद्यमी | अतिरिक्त लाभ | अधिकतम ₹5 लाख |
आवेदन ज़िला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी (DLTFC) जाँचती है। मार्जिन मनी तभी जारी होगी जब वित्तीय संस्था उतनी न्यूनतम ऋण राशि बाँट चुकी हो। यह राशि संबंधित वित्तीय संस्था में अल्पकालिक जमा के रूप में रखी जाती है।
2. अन्य सहायता
| योजना | प्रावधान |
|---|---|
| तकनीक/सॉफ़्टवेयर | सूक्ष्म व लघु इकाइयों को लागत का 50%, अधिकतम ₹5 लाख प्रति इकाई (एकमुश्त) |
| गुणवत्ता प्रमाणन (BIS, FSSAI, ISO, ZED, IPR) | 75% खर्च, अधिकतम ₹3 लाख (एकमुश्त) |
| पर्यावरण परियोजनाएँ | 50% प्रतिपूर्ति, अधिकतम ₹1 करोड़ (RIPS 2024 के अनुसार) |
| SIDBI ग्रीन फाइनेंस | संबंधित ऋण पर 6% ब्याज अनुदान |
| ई-कॉमर्स फीस | 75% फीस (शिपिंग छोड़कर), अधिकतम ₹1 लाख प्रति वर्ष, अधिकतम 2 वर्ष |
| कैटलॉग / वेबसाइट | खर्च का 60% या अधिकतम ₹75,000, एकमुश्त |
3. मेले और प्रदर्शनियों में भागीदारी
| आयोजन | सहायता | वर्ष में अधिकतम |
|---|---|---|
| राजस्थान में राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय मेला | ₹50,000 या स्टॉल किराए का 75% | 3 आयोजन |
| देश में (राजस्थान के बाहर) | ₹1,50,000 या स्टॉल किराए का 75% | 2 आयोजन |
| विदेश में | ₹2,00,000 या स्टॉल किराए का 75% | 1 आयोजन |
2 व्यक्तियों का यात्रा किराया भी मिलता है। एक श्रेणी में लाभ लेने के बाद अगले दो वित्त वर्ष उसी श्रेणी में लाभ नहीं मिलेगा।
कौशल विकास और क्लस्टर विकास
- उत्पाद-विशेष और उद्यमिता विकास प्रशिक्षण, जिसमें प्रशिक्षुओं व प्रशिक्षण भागीदारों को मानदेय देने का प्रावधान है।
- REPC के सहयोग से निर्यात प्रक्रिया, बाज़ार जानकारी और तकनीकी उत्पाद प्रशिक्षण।
- पैकेजिंग और लेबलिंग पर प्रशिक्षण: भारतीय पैकेजिंग संस्थान (IIP) जैसे संस्थानों के साथ हर वित्त वर्ष कम से कम 50 बैच।
- इंटीग्रेटेड क्लस्टर डेवलपमेंट स्कीम से कॉमन फैसिलिटी सेंटर, रॉ मैटेरियल बैंक, परीक्षण सुविधा और ODOP समर्पित औद्योगिक क्षेत्र।
ODOP फंड
नीति में एक समर्पित ODOP फंड बनाने का प्रावधान है, जिसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकार, RIICO, कृषि विपणन बोर्ड, CSR योगदान और राज्य द्वारा अधिकृत अन्य एजेंसियों का अंशदान होगा। इससे ये काम होंगे:
- हर वर्ष राजस्थान ODOP एक्सपो और “वार्षिक ODOP अवार्ड्स” का आयोजन।
- बड़े अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ MoU कर राज्य से ODOP उत्पादों की खरीद को बढ़ावा।
- सभी 10 संभागीय मुख्यालयों पर छोटी क्रेता-विक्रेता बैठकें।
- संगोष्ठी, सम्मेलन व प्रदर्शनी को प्रायोजन (प्रति कार्यक्रम अधिकतम ₹1 लाख)।
- PMU की तैनाती और अधिकारियों के अध्ययन दौरे।
- सभी संभागीय मुख्यालयों पर मार्केटिंग एवं एक्सपोर्ट एक्सीलेंस सेंटर, जो इनोवेशन, डिज़ाइन इन्क्यूबेशन और नॉलेज सेंटर का काम करेंगे।
गैर-वित्तीय पहल
- ODOPRAJ पोर्टल: जानकारी, बाज़ार शोध, योजना सूचना, शिकायत निवारण और फीडबैक की एक जगह। पोर्टल चालू होने पर आवेदन केवल ऑनलाइन।
- ई-कॉमर्स जुड़ाव: अमेज़न, फ्लिपकार्ट, GeM और ONDC पर विक्रेताओं को जोड़ना।
- “ब्रांड राजस्थान”: ODOP उत्पादों की साझा पहचान, “ODOP राजस्थान” लोगो और हर ज़िले के लिए ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने का प्रयास।
- यूनिटी मॉल (PM एकता मॉल), जयपुर: ODOP, GI, हस्तशिल्प और हैंडलूम उत्पादों के प्रदर्शन-बिक्री के लिए; इसका वित्तपोषण केंद्र की “विशेष पूँजी निवेश सहायता योजना 2023-24” से।
- GI टैग: नाबार्ड जैसी एजेंसियों के सहयोग से नए GI टैग दिलाने का प्रयास।
- सरकारी खरीद: राज्य के विभाग ODOP MSME (उद्योग विभाग द्वारा पैनलबद्ध) से प्रति वित्त वर्ष ₹15 लाख तक का सामान टेंडर के बिना सीधे e-Bazaar/GeM से खरीद सकेंगे। इसके लिए RTPP अधिनियम 2012 और नियम 2013 में बदलाव का प्रयास किया जाएगा।
- सरकारी कार्यालयों में ODOP डिस्प्ले वॉल बनाना।
संस्थागत ढाँचा, निगरानी और समय-सारणी
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| SLRC | अध्यक्ष – ACS/प्रमुख सचिव/सचिव, उद्योग एवं वाणिज्य; सदस्यों में MD RIICO, MD RAJSICO, आयुक्त निवेश व NRI (BIP), कृषि व वित्त विभाग के प्रतिनिधि, SLBC संयोजक; सदस्य सचिव – आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य |
| DLTFC | अध्यक्ष – ज़िला कलेक्टर या ADM से नीचे का स्तर नहीं; सदस्य सचिव – DICC में निर्यात व ODOP प्रभारी |
| क्रियान्वयन चरण | चरण 1 (वर्ष 1-2): PMU गठन, उत्पाद चयन, प्रशिक्षण, बाज़ार जुड़ाव; चरण 2 (वर्ष 3-5): विपणन विस्तार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग |
| शिकायत निवारण | ऑनलाइन व ऑफ़लाइन शिकायत पंजीकरण, समयबद्ध निपटान, फीडबैक के आधार पर सुधार |
- याद रखिए: सूक्ष्म उद्यम 25% (₹15 लाख), लघु उद्यम 15% (₹20 लाख)। प्रतिशत उल्टा, सीमा सीधी।
- मेलों में सहायता: ₹50,000 – ₹1.5 लाख – ₹2 लाख (राजस्थान – देश – विदेश)।
- MSME नीति से फ़र्क: गुणवत्ता प्रमाणन पर ODOP में 75% सहायता, MSME में 50%।
- पोर्टल का नाम ODOPRAJ, निकाय का नाम EOPC; दोनों संक्षिप्त नाम प्रश्न में आ सकते हैं।
- सरकारी खरीद की सीमा ₹15 लाख प्रति वित्त वर्ष (बिना टेंडर, GeM/e-Bazaar से) याद रखिए।
💡 याद रखने की ट्रिक: “मार्जिन 25-15” – सूक्ष्म 25%, लघु 15%; सीमा 15-20 लाख।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (One-Liner)
- ODOP नीति 2024 की वैधता 31 मार्च 2029 तक है।
- 50 ज़िलों के लिए ODOP उत्पाद चुने गए हैं; सूची में समय-समय पर बदलाव हो सकता है।
- ODOP MSME इकाई के टर्नओवर का कम से कम 50% स्वीकृत ODOP उत्पाद से होना चाहिए।
- नए सूक्ष्म उद्यम को 25% (अधिकतम ₹15 लाख) और लघु उद्यम को 15% (अधिकतम ₹20 लाख) मार्जिन मनी।
- विशेष वर्ग (SC/ST, महिला, PwBD, 35 वर्ष से कम) को अधिकतम ₹5 लाख अतिरिक्त।
- गुणवत्ता प्रमाणन पर 75% सहायता (अधिकतम ₹3 लाख)।
- ई-कॉमर्स फीस पर 75%, अधिकतम ₹1 लाख प्रति वर्ष, 2 वर्ष तक।
- विदेशी मेले पर अधिकतम ₹2 लाख की सहायता।
- सरकारी विभाग प्रति वित्त वर्ष ₹15 लाख तक का ODOP सामान बिना टेंडर खरीद सकेंगे।
- यूनिटी मॉल जयपुर में बनेगा; “ब्रांड राजस्थान” के तहत ज़िलों के लिए ब्रांड एंबेसडर।
राजस्थान ODOP नीति 2024 – महत्वपूर्ण MCQ (उत्तर सहित)
पहले खुद उत्तर सोचिए, फिर “उत्तर देखें” पर क्लिक कीजिए।
1ODOP नीति 2024 में उत्पादों का चयन कितने ज़िलों के लिए किया गया है?
(अ) 33 ज़िले
(ब) 41 ज़िले
(स) 50 ज़िले
(द) 25 ज़िले
👉 उत्तर देखें
नीति के अनुसार राज्य के 50 ज़िलों के लिए केंद्रित उत्पाद पहचाने गए हैं।
2ODOP नीति कब तक लागू रहेगी?
(अ) 31 मार्च 2027
(ब) 31 मार्च 2028
(स) 31 मार्च 2029
(द) 31 मार्च 2031
👉 उत्तर देखें
राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से 31 मार्च 2029 तक।
3ODOP नीति के क्रियान्वयन के लिए कौन-सा पोर्टल प्रस्तावित है?
(अ) RAJNIVESH
(ब) ODOPRAJ
(स) SIPB
(द) RAJKISAN
👉 उत्तर देखें
ODOP से जुड़ी जानकारी, बाज़ार शोध, योजना सूचना और शिकायत निवारण के लिए ODOPRAJ पोर्टल है।
4नए लघु उद्यम को मार्जिन मनी के रूप में कितना अनुदान मिलता है?
(अ) पात्र परियोजना लागत का 25%, अधिकतम ₹15 लाख
(ब) पात्र परियोजना लागत का 15%, अधिकतम ₹20 लाख
(स) पात्र परियोजना लागत का 10%, अधिकतम ₹10 लाख
(द) पात्र परियोजना लागत का 20%, अधिकतम ₹25 लाख
👉 उत्तर देखें
लघु उद्यम को 15% (अधिकतम ₹20 लाख); सूक्ष्म उद्यम को 25% (अधिकतम ₹15 लाख)।
5नीति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
(A) नीति में ODOP फंड बनाने का प्रावधान है।
(B) ODOP MSME सरकारी विभागों को प्रति वित्त वर्ष ₹15 लाख तक का सामान बिना टेंडर बेच सकेंगे।
(C) नीति में ODOP उत्पादों के लिए “ब्रांड राजस्थान” पहल है।
(D) ODOP इकाई के टर्नओवर का केवल 25% ODOP उत्पाद से आना पर्याप्त है।
(अ) केवल A और B
(ब) केवल A, B और C
(स) केवल B, C और D
(द) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें
A, B और C सही हैं। ODOP इकाई के लिए 50% टर्नओवर ODOP उत्पाद से आना ज़रूरी है, 25% नहीं, इसलिए D गलत है।
6कथन-कारण आधारित प्रश्न:
अभिकथन (A): नीति में नए सूक्ष्म व लघु ODOP उद्यमों को मार्जिन मनी सहायता दी जाती है।
कारण (R): नीति का उद्देश्य ज़िलों में नए उद्यम बनाकर स्थानीय रोज़गार बढ़ाना है।
(अ) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
(ब) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
(स) A सही है, पर R गलत है
(द) A गलत है, पर R सही है
👉 उत्तर देखें
आर्थिक मदद सीधे नए उद्यम खड़े करने के लिए दी जाती है, इसलिए R, A की सही व्याख्या है।
7सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
| सूची I | सूची II |
|---|---|
| A. विदेशी मेले में भागीदारी (अधिकतम) | I. ₹2 लाख |
| B. ई-कॉमर्स फीस प्रतिपूर्ति (अधिकतम प्रति वर्ष) | II. ₹1 लाख |
| C. कैटलॉग / वेबसाइट सहायता (अधिकतम) | III. ₹75,000 |
| D. सरकारी विभागों की बिना टेंडर खरीद (प्रति वित्त वर्ष) | IV. ₹15 लाख |
(अ) A-I, B-II, C-III, D-IV
(ब) A-II, B-I, C-III, D-IV
(स) A-I, B-III, C-II, D-IV
(द) A-III, B-II, C-I, D-IV
👉 उत्तर देखें
विदेशी मेले पर ₹2 लाख; ई-कॉमर्स फीस पर ₹1 लाख प्रति वर्ष; कैटलॉग/वेबसाइट पर ₹75,000; सरकारी बिना टेंडर खरीद ₹15 लाख।
8निम्नलिखित को बढ़ते क्रम में रखिए (मेले में अधिकतम सहायता):
1. राजस्थान में आयोजित मेला
2. राजस्थान के बाहर देश में आयोजित मेला
3. विदेश में आयोजित मेला
(अ) 1, 2, 3
(ब) 2, 3, 1
(स) 3, 2, 1
(द) 1, 3, 2
👉 उत्तर देखें
राजस्थान ₹50,000 (1) < देश में ₹1,50,000 (2) < विदेश ₹2,00,000 (3)।
9ODOP नीति के प्रशासनिक निकाय का नाम क्या है?
(अ) निर्यात एवं ODOP संवर्धन प्रकोष्ठ (EOPC)
(ब) राज्य निवेश बोर्ड
(स) ODOP परिषद
(द) MSME विकास निगम
👉 उत्तर देखें
आयुक्त, उद्योग एवं वाणिज्य कार्यालय के अंतर्गत EOPC प्रशासनिक निकाय है।
10पैकेजिंग व लेबलिंग प्रशिक्षण में हर वित्त वर्ष न्यूनतम कितने बैच प्रशिक्षित होंगे?
(अ) 10
(ब) 25
(स) 50
(द) 100
👉 उत्तर देखें
भारतीय पैकेजिंग संस्थान (IIP) जैसे संस्थानों के साथ हर वित्त वर्ष कम से कम 50 बैच।
11जयपुर में प्रस्तावित यूनिटी मॉल किस केंद्रीय योजना से सहायता प्राप्त है?
(अ) PMEGP
(ब) विशेष पूँजी निवेश सहायता योजना 2023-24
(स) उड़ान योजना
(द) एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन
👉 उत्तर देखें
यूनिटी मॉल (PM एकता मॉल) को केंद्र की “Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment 2023-24” से वित्तीय सहायता मिलती है।
12ODOP नीति के चरण 1 की अवधि क्या है?
(अ) वर्ष 1-2
(ब) वर्ष 1-3
(स) वर्ष 1-5
(द) वर्ष 2-4
👉 उत्तर देखें
चरण 1 (वर्ष 1-2) में PMU बनता है, उत्पाद चयन व प्रशिक्षण होता है; चरण 2 (वर्ष 3-5) में विपणन विस्तार व अंतरराष्ट्रीय सहयोग।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
❓ राजस्थान ODOP नीति 2024 क्या है?
❓ ODOP उद्यम के लिए क्या शर्त है?
❓ मार्जिन मनी कितनी मिलती है?
❓ आवेदन कहाँ होगा?
❓ क्या कृषि उत्पादों पर भी नीति लागू है?
❓ ODOP फंड का क्या उपयोग है?
निष्कर्ष
राजस्थान ODOP नीति 2024 हर ज़िले की पहचान वाले उत्पादों को बाज़ार, तकनीक और ब्रांड से जोड़ती है। परीक्षा के लिए वैधता, मार्जिन मनी के प्रतिशत और सीमा, ODOPRAJ पोर्टल, EOPC, ODOP फंड और ₹15 लाख की सरकारी खरीद सीमा सबसे ज़रूरी बिंदु हैं।