Last Updated on October 23, 2026 by KevalKrishan
राजस्थान औद्योगिक विकास नीति 2026 राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति है। इसे 22 मई 2026 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में कैबिनेट ने मंजूरी दी और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने 1 जून 2026 को अधिसूचित किया। नीति का मक़सद राजस्थान को वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाना, निवेश और रोज़गार बढ़ाना और 2028-29 तक अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुँचाना है। यह लेख आधिकारिक नीति दस्तावेज़ के आधार पर नीति की विशेषताएँ, 4G स्तंभ, औद्योगिक आँकड़े, थ्रस्ट क्षेत्र, ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस के सुधार, पार्क नीति से तुलना और RAS, SI, पटवारी, REET जैसी परीक्षाओं के लिए 15 MCQ देता है।
अंतिम अपडेट: 23 अक्टूबर 2026
- मंजूरी: 22 मई 2026 (शुक्रवार), राज्य कैबिनेट, अध्यक्षता – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
- अधिसूचना: 1 जून 2026 (क्रमांक F.5(11) Industries/1/2026); वैधता – 5 वर्ष
- चार स्तंभ (4G): Green, Governance, Growth, Globalization
- लक्ष्य: 2028-29 तक 350 बिलियन डॉलर, 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर; 2029 तक निर्यात ₹1.5 लाख करोड़
- प्रक्रिया सुधार: सिंगल विंडो, स्व-घोषणा, समय-सीमा आधारित व डीम्ड क्लियरेंस
- निगरानी: उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में समिति, हर तिमाही समीक्षा
राजस्थान औद्योगिक विकास नीति 2026 क्या है?
यह राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा तय करने वाला समग्र ढाँचा है, जिसे “विकसित राजस्थान 2047” के विज़न से जोड़ा गया है। राज्य सरकार का कहना है कि निवेश की जो रुचि “राइजिंग राजस्थान” के ज़रिए मिली, अब उसे चालू उद्योगों में बदलना है और विकास का लाभ हर ज़िले तक पहुँचाना है।
नीति का पूरा नाम Rajasthan Industrial Development Policy 2026 है। मुख्य ज़ोर MSME को मज़बूत करने, मंज़ूरियों को तेज़ और पारदर्शी बनाने, ज़मीन आवंटन आसान करने और बुनियादी ढाँचा बेहतर करने पर है। नीति ज़िलों को औद्योगिक विकास के विकेंद्रित केंद्र बनाने की बात भी करती है।
नीति के मुख्य तथ्य (Fact Sheet)
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| नीति का नाम | राजस्थान औद्योगिक विकास नीति-2026 |
| कैबिनेट मंजूरी | 22 मई 2026 (शुक्रवार), अध्यक्षता – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा |
| अधिसूचना | क्रमांक F.5 (11) Industries/1/2026, दिनांक 01 जून 2026 |
| जारीकर्ता विभाग | उद्योग एवं वाणिज्य विभाग (समूह-1), राजस्थान सरकार |
| वैधता | अधिसूचना की तिथि से 5 वर्ष (पहले संशोधन/अधिक्रमण न होने पर) |
| जानकारी देने वाले मंत्री | राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (उद्योग एवं वाणिज्य); साथ में हीरालाल नागर (ऊर्जा) व सुरेश सिंह रावत (जल संसाधन) |
| विज़न | विकसित राजस्थान @ 2047 |
| आर्थिक लक्ष्य | 2028-29 तक 350 बिलियन डॉलर; 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर |
| निर्यात लक्ष्य | 2029 तक मर्चेंडाइज़ निर्यात ₹1.5 लाख करोड़ (2023-24 में ₹83,704 करोड़) |
| चार स्तंभ | Green, Governance, Growth, Globalization |
| क्रियान्वयन व निगरानी | उद्योग विभाग; उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में राजस्थान औद्योगिक नीति निगरानी समिति (हर तिमाही समीक्षा) |

नीति के चार स्तंभ: 4G (Green, Governance, Growth, Globalization)

| स्तंभ | अर्थ | नीति में क्या शामिल |
|---|---|---|
| Green | हरित विकास | नवीकरणीय ऊर्जा, सर्कुलर इकोनॉमी, ZLD आधारित CETP, उपचारित जल का पुनः उपयोग, इंटीग्रेटेड रिसोर्स रिकवरी पार्क |
| Governance | सुशासन | सिंगल विंडो क्लियरेंस, स्व-घोषणा आधारित मंज़ूरी, समय-सीमा व डीम्ड क्लियरेंस, निवेशक शिकायत निवारण |
| Growth | विकास | MSME, उभरते व पारंपरिक क्षेत्र, औद्योगिक पार्क व क्लस्टर, लॉजिस्टिक्स और रोज़गार |
| Globalization | वैश्वीकरण | निर्यात संवर्धन, निवेश प्रचार व प्रवासी राजस्थानी जुड़ाव, DMIC गलियारे से एकीकरण |
💡 याद रखने की ट्रिक: “GGGG” – चारों स्तंभों का पहला अक्षर G है: Green, Governance, Growth, Globalization।
राजस्थान का औद्योगिक प्रोफ़ाइल: नीति में दिए आँकड़े
नीति दस्तावेज़ राज्य की आर्थिक समीक्षा 2023-24 और 2024-25 के आँकड़ों के आधार पर औद्योगिक स्थिति बताता है। परीक्षा के लिहाज़ से ये आँकड़े अहम हैं।
| संकेतक | आँकड़ा |
|---|---|
| उद्योग क्षेत्र का GSVA में योगदान (2024-25) | 27.16% |
| औद्योगिक GSVA में विनिर्माण का हिस्सा | 42.62% |
| औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP), 2024 | 157.31 |
| कुल मर्चेंडाइज़ निर्यात (2023-24) | ₹83,704 करोड़ |
| उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत MSME (2023-24) | 4.7 लाख से अधिक (रोज़गार क्षमता 22.5 लाख से अधिक) |
| MSME निवेश प्रस्ताव | ₹6,045 करोड़ से अधिक |
| RIICO के औद्योगिक क्षेत्र | 440 से अधिक |
| DMIC के प्रमुख नोड | JPMIA और KBNIR |
| क्षेत्र | 2022-23 | 2023-24 |
|---|---|---|
| इंजीनियरिंग निर्यात | ₹13,887 करोड़ | ₹16,593 करोड़ |
| रत्न एवं आभूषण | ₹9,179 करोड़ | ₹11,183 करोड़ |
| वस्त्र | ₹7,834 करोड़ | ₹8,820 करोड़ |
| कृषि-प्रसंस्करण | ₹6,334 करोड़ | ₹6,487 करोड़ |
थ्रस्ट क्षेत्र: नीति किन क्षेत्रों पर ज़ोर देती है?
| क्षेत्र | मुख्य बिंदु |
|---|---|
| भविष्य के (Sunrise) क्षेत्र | मरुस्थलीय कृषि, बैटरी से परे ऊर्जा भंडारण, उन्नत निर्माण सामग्री, जल प्रौद्योगिकी, डिजिटल विरासत व संस्कृति-टेक, खनन/पत्थर/निर्माण कचरे की सर्कुलर इकोनॉमी |
| खनन व पेट्रोलियम | पचपदरा रिफाइनरी व पेट्रोकेमिकल परियोजना (HPCL के साथ संयुक्त उद्यम), रिफाइनरी के पास RPZ ज़ोन, रेयर अर्थ ब्लॉक की नीलामी |
| वस्त्र व परिधान | वस्त्र पार्क और “वस्त्र पार्क आधारित क्लस्टर” रणनीति, ZLD, टेक्सटाइल एंड अपैरल पॉलिसी 2025 के लाभ |
| MSME व हस्तशिल्प | प्लग-एंड-प्ले क्लस्टर, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, MSME फैसिलिटेशन सेल |
| कृषि-प्रसंस्करण | एग्रो प्रोसेसिंग पार्क, FPO को प्रोत्साहन, प्रस्तावित कृषि-प्रसंस्करण नीति |
| एयरोस्पेस व रक्षा | किशनगढ़, धौलपुर और भिवाड़ी में रक्षा विनिर्माण क्लस्टर |
| रत्न व आभूषण | जयपुर, उदयपुर और बीकानेर में प्लग-एंड-प्ले जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क |
| निर्यात संवर्धन | 2029 तक ₹1.5 लाख करोड़; ज़िला स्तर पर निर्यात सुविधा केंद्र, फ्रेट सब्सिडी, निर्यात ऋण बीमा |
| पर्यटन | 3 वर्ष में कम से कम ₹50 करोड़ निवेश करने वाली इकाइयों को सरकारी भूमि; ₹5,000 करोड़ का पर्यटन अवसंरचना कोष (RTICF) |
| डेयरी व पशुपालन | ₹1,000 करोड़ का डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर फंड; केंद्र की AHIDF के 3% के साथ राज्य का अतिरिक्त 3% ब्याज अनुदान |
| सहकारिता व ODOP | नई सहकारी संहिता; “पाँच गौरव” (ODOP सहित) के तहत ज़िला-केंद्रित विकास |
नीति के प्रमुख प्रावधान
1. ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस
- सिंगल विंडो को ऐसा एकीकृत मंच बनाना जिसमें उद्योग, ऊर्जा, राजस्व, नगरीय विकास, स्थानीय स्वशासन, RIICO और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसी सभी अनुमतियाँ जुड़ें।
- कम जोखिम वाली और MSME गतिविधियों के लिए स्व-घोषणा व शपथ-पत्र आधारित मंज़ूरी।
- पूर्व-स्थापना और समानांतर मंज़ूरियाँ, समय-सीमा में सेवा और देरी पर स्वतः एस्केलेशन।
- चुनिंदा अनुमतियों पर डीम्ड क्लियरेंस, जो वैधानिक प्रावधानों और अपवादों के अधीन है।
- निवेशक सुविधा क्लिनिक और SLA आधारित शिकायत निवारण; भूमि व लीज़ से जुड़े पुराने मामलों के लिए त्वरित व्यवस्था।
- कम जोखिम वाले MSME का GST पंजीकरण 3 दिन में (GST 2.0 सुधारों के तहत)।
- भारत सरकार की BRAP 2024 में राजस्थान को चार सुधार क्षेत्रों में पुरस्कार मिलना भी नीति में दर्ज है।
2. भूमि और बुनियादी ढाँचा
- RIICO की प्रत्यक्ष भूमि आवंटन नीति 2025, जिसमें परियोजना की व्यवहार्यता और रोज़गार के आधार पर बिना नीलामी आवंटन होता है।
- नियम 3(AK) के तहत अविकसित/अर्ध-विकसित भूमि “जैसी है, जहाँ है” आधार पर, 33 वर्ष की नवीकरणीय लीज़ और लचीले प्रीमियम भुगतान के साथ।
- कॉरिडोर-आधारित औद्योगीकरण, DMIC के प्रभाव क्षेत्र में औद्योगिक व लॉजिस्टिक्स नोड, लॉजिस्टिक्स पार्क और इनलैंड कंटेनर डिपो।
- प्लग-एंड-प्ले व फ्लैटेड फैक्ट्री मॉडल वाले पार्क और विषयगत औद्योगिक पार्क।
- RIICO की 2025 की “उद्योग” की नई परिभाषा में वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज, डेटा सेंटर, GCC, BPO/KPO, होटल, रिसॉर्ट और बिजली उत्पादन तक शामिल हैं।
3. हरित उद्योग और जल प्रबंधन
- इंटीग्रेटेड रिसोर्स रिकवरी पार्क (IRRP): प्लास्टिक, ई-वेस्ट, बैटरी, सोलर पैनल और पुराने वाहनों के रीसाइक्लिंग के लिए। जयपुर के थोलाई में पहला पार्क शुरू हो चुका है।
- CETP के लिए RIICO व RSPCB के 50-50 योगदान वाला कोष।
- औद्योगिक जल के पुनः उपयोग और जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) को प्राथमिकता।
- ऊर्जा: राजस्थान एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति 2024 के तहत 2030 तक 125 GW नवीकरणीय क्षमता का लक्ष्य।
| CETP अनुदान | प्रावधान |
|---|---|
| मौजूदा CETP का उन्नयन | परियोजना लागत का 75% तक, अधिकतम ₹75 करोड़ प्रति CETP |
| नया CETP | ₹13 करोड़ प्रति MLD, अधिकतम ₹75 करोड़ |
| भुगतान | चार किश्तों में, हर बार 25% |
| RIPS में हरित प्रोत्साहन | ETP और ZLD सुविधाओं पर 50% प्रतिपूर्ति |
प्रोत्साहन कहाँ से मिलते हैं? (RIPS 2024)
नीति दस्तावेज़ ख़ुद सब्सिडी की दरें तय नहीं करता। निवेश सब्सिडी, टर्नओवर-आधारित प्रोत्साहन, ब्याज अनुदान और स्टाम्प ड्यूटी, बिजली शुल्क व भू-रूपांतरण शुल्क में छूट जैसे लाभ राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024 से मिलते हैं। साथ ही वस्त्र, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, MSME, EV, ग्रीन हाइड्रोजन और पर्यटन जैसी क्षेत्र-विशेष नीतियाँ अलग से लाभ देती हैं।
| योजना | मुख्य विशेषता |
|---|---|
| RIPS 2019 | GST-युग का आधार: कर प्रतिपूर्ति, श्रम लागत सहायता और वैधानिक छूट |
| RIPS 2022 | विकल्प-आधारित ढाँचा: टर्नओवर-लिंक्ड प्रोत्साहन और किश्तों में भुगतान |
| RIPS 2024 | एसेट क्रिएशन इन्सेंटिव (ACI) का संहिताकरण, सनराइज़ सेक्टर के लिए ब्याज अनुदान, बिजली संबंधी रियायतें और लीज़ रेंटल सहायता |
⚠️ सेमीकंडक्टर के लिए अलग नीति लाने और राज्य की ओर से अतिरिक्त पूँजी सब्सिडी देने का प्रावधान नीति में बताया गया है। एयरोस्पेस व रक्षा के लिए भी अलग नीति की बात है। इसलिए इन क्षेत्रों के सटीक लाभ संबंधित अलग नीति से ही तय होंगे।
संबंधित नीति: राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति 2026
औद्योगिक विकास नीति से पहले राज्य ने औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 भी लागू की। यह निजी, हाइब्रिड और PPP मॉडल से औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए है। परीक्षा में दोनों नीतियों की तिथियाँ अक्सर मिलाकर पूछी जा सकती हैं।
| बिंदु | औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति 2026 |
|---|---|
| मंजूरी | 25 फरवरी 2026 (कैबिनेट) |
| शुभारंभ | 18 मार्च 2026, राजस्थान उद्यमी संवाद समारोह में मुख्यमंत्री द्वारा |
| वैधता | अधिसूचना से 5 वर्ष या नई नीति आने तक |
| विकास मॉडल | मॉडल A: पूरी भूमि RIICO की; मॉडल B: 80% डेवलपर + 20% RIICO भूमि; मॉडल C: 100% डेवलपर की अपनी भूमि; मॉडल D: PPP |
| पात्रता | न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्र और कम से कम 10 इकाइयाँ |
| पूँजीगत अनुदान | पहले 10 पार्क डेवलपर्स को 20%; सीमा – 100 एकड़ तक ₹20 करोड़, 100–250 एकड़ ₹30 करोड़, 250 एकड़ से अधिक ₹40 करोड़ |
| अन्य प्रोत्साहन | CETP पर 50% प्रतिपूर्ति, कैप्टिव नवीकरणीय ऊर्जा पर विद्युत शुल्क में छूट, स्टाम्प ड्यूटी व भू-रूपांतरण शुल्क में रियायत |
| पोर्टल | राज निवेश पोर्टल (सिंगल विंडो) |
पार्क नीति के आँकड़े सरकारी घोषणाओं पर आधारित समाचार रिपोर्टों से लिए गए हैं। अंतिम पुष्टि के लिए राज निवेश पोर्टल/अधिसूचना देखें।
दोनों नीतियों की तुलना
| आधार | औद्योगिक विकास नीति 2026 | औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति 2026 |
|---|---|---|
| स्वरूप | समग्र औद्योगिक नीति / ढाँचा | निजी, हाइब्रिड व PPP पार्क के लिए विशेष नीति |
| कैबिनेट मंजूरी | 22 मई 2026 (अधिसूचना 1 जून 2026) | 25 फरवरी 2026 |
| मुख्य फोकस | 4G, निवेश, रोज़गार, ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस | औद्योगिक पार्क का विकास व अवसंरचना |
| प्रमुख लक्ष्य | 2028-29 तक 350 बिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था | विश्वस्तरीय औद्योगिक पार्क, संतुलित क्षेत्रीय विकास |
| प्रोत्साहन का रूप | नीति ढाँचा; दरें RIPS 2024 व क्षेत्रीय नीतियों से | पूँजीगत अनुदान, CETP, विद्युत शुल्क व स्टाम्प ड्यूटी रियायत |
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (One-Liner)
- राजस्थान औद्योगिक विकास नीति-2026 को 22 मई 2026 को कैबिनेट ने मंजूरी दी; अधिसूचना 1 जून 2026 को जारी हुई।
- अधिसूचना क्रमांक: F.5 (11) Industries/1/2026; वैधता 5 वर्ष।
- कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की।
- उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री: राज्यवर्धन सिंह राठौड़।
- चार स्तंभ: Green, Governance, Growth, Globalization (4G)।
- लक्ष्य: 2028-29 तक 350 बिलियन डॉलर और 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था।
- निर्यात लक्ष्य: 2029 तक ₹1.5 लाख करोड़ (2023-24 में ₹83,704 करोड़)।
- उद्योग का GSVA में योगदान 27.16% (2024-25); IIP 157.31 (2024)।
- RIICO के 440 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र; DMIC के नोड – JPMIA और KBNIR।
- RIICO नियम 3(AK): अविकसित भूमि “जैसी है, जहाँ है” आधार पर, 33 वर्ष की लीज़।
- CETP उन्नयन पर 75% अनुदान (अधिकतम ₹75 करोड़); नए CETP पर ₹13 करोड़ प्रति MLD।
- निगरानी: उद्योग मंत्री की अध्यक्षता वाली राजस्थान औद्योगिक नीति निगरानी समिति, हर तिमाही।
- पार्क नीति 2026: मंजूरी 25 फरवरी, शुभारंभ 18 मार्च; न्यूनतम 50 एकड़ और 10 इकाइयाँ।
राजस्थान औद्योगिक विकास नीति 2026 – महत्वपूर्ण MCQ (उत्तर सहित)
पहले खुद उत्तर सोचिए, फिर “उत्तर देखें” पर क्लिक कीजिए।
1राजस्थान औद्योगिक विकास नीति 2026 को राज्य मंत्रिमंडल ने किस तिथि को मंजूरी दी?
(अ) 25 फरवरी 2026
(ब) 22 मई 2026
(स) 1 जून 2026
(द) 18 मार्च 2026
👉 उत्तर देखें
कैबिनेट बैठक शुक्रवार, 22 मई 2026 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई। 1 जून 2026 अधिसूचना की तिथि है; 25 फरवरी पार्क नीति की मंजूरी और 18 मार्च उसके शुभारंभ की तिथि है।
2नीति के चार स्तंभों (4G) में निम्न में से कौन-सा शामिल नहीं है?
(अ) Green
(ब) Governance
(स) Growth
(द) Generation
👉 उत्तर देखें
चार स्तंभ हैं – Green, Governance, Growth और Globalization। Generation इनमें शामिल नहीं है।
3नीति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
(A) नीति का लक्ष्य 2028-29 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुँचाना है।
(B) सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली को मज़बूत करने का प्रावधान है।
(C) कम जोखिम वाली गतिविधियों के लिए स्व-घोषणा आधारित मंज़ूरी बढ़ाई जाएगी।
(D) नीति केवल पारंपरिक उद्योगों पर केंद्रित है।
(अ) केवल A और B
(ब) केवल A, B और C
(स) केवल B, C और D
(द) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें
A, B और C सही हैं। नीति पारंपरिक (वस्त्र, हस्तशिल्प, डेयरी, रत्न-आभूषण) और उभरते, दोनों तरह के क्षेत्रों को साथ लेकर चलती है, इसलिए कथन D गलत है।
4कथन-कारण आधारित प्रश्न:
अभिकथन (A): नीति में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) आधारित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) पर ज़ोर दिया गया है।
कारण (R): नीति पर्यावरण-अनुकूल औद्योगीकरण और सर्कुलर इकोनॉमी के सिद्धांतों को बढ़ावा देना चाहती है।
(अ) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है
(ब) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
(स) A सही है, पर R गलत है
(द) A गलत है, पर R सही है
👉 उत्तर देखें
नीति का Green स्तंभ ZLD आधारित CETP, उपचारित जल के पुनः उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे उपायों से औद्योगिक विकास को पर्यावरण-अनुकूल बनाना चाहता है, इसलिए R, A की सही व्याख्या है।
5सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
| सूची I | सूची II |
|---|---|
| A. औद्योगिक विकास नीति की कैबिनेट मंजूरी | I. 25 फरवरी 2026 |
| B. औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति की मंजूरी | II. 350 बिलियन डॉलर |
| C. पार्क नीति का शुभारंभ | III. 22 मई 2026 |
| D. अर्थव्यवस्था का लक्ष्य (2028-29) | IV. 18 मार्च 2026 |
(अ) A-III, B-I, C-IV, D-II
(ब) A-I, B-III, C-IV, D-II
(स) A-III, B-IV, C-I, D-II
(द) A-II, B-I, C-IV, D-III
👉 उत्तर देखें
औद्योगिक विकास नीति – 22 मई 2026 (III); पार्क नीति की मंजूरी – 25 फरवरी 2026 (I); पार्क नीति का शुभारंभ – 18 मार्च 2026 (IV); आर्थिक लक्ष्य – 350 बिलियन डॉलर (II)।
6निम्नलिखित घटनाओं को कालक्रम के अनुसार व्यवस्थित कीजिए:
1. औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति की कैबिनेट मंजूरी
2. औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति का शुभारंभ
3. औद्योगिक विकास नीति की कैबिनेट मंजूरी
(अ) 1, 2, 3
(ब) 2, 1, 3
(स) 1, 3, 2
(द) 3, 1, 2
👉 उत्तर देखें
पहले 25 फरवरी 2026 को पार्क नीति मंज़ूर हुई, फिर 18 मार्च 2026 को उसका शुभारंभ हुआ और उसके बाद 22 मई 2026 को औद्योगिक विकास नीति मंज़ूर हुई।
7नीति की जानकारी मीडिया को देने वाले राजस्थान के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कौन हैं?
(अ) दिया कुमारी
(ब) राज्यवर्धन सिंह राठौड़
(स) हीरालाल नागर
(द) सुरेश सिंह रावत
👉 उत्तर देखें
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने नीति की जानकारी दी। हीरालाल नागर ऊर्जा मंत्री और सुरेश सिंह रावत जल संसाधन मंत्री हैं।
8औद्योगिक विकास नीति 2026 किस दीर्घकालीन विज़न के अनुरूप तैयार की गई है?
(अ) राइजिंग राजस्थान 2030
(ब) विकसित राजस्थान @ 2047
(स) मिशन 2035
(द) आत्मनिर्भर राजस्थान 2040
👉 उत्तर देखें
नीति “विकसित राजस्थान 2047” के विज़न पर आधारित है और राज्य को 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर ले जाने की बात करती है।
9राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति 2026 के अंतर्गत निजी औद्योगिक पार्क के लिए न्यूनतम क्षेत्र और इकाइयों की संख्या क्या है?
(अ) 25 एकड़ और 5 इकाइयाँ
(ब) 50 एकड़ और 10 इकाइयाँ
(स) 100 एकड़ और 20 इकाइयाँ
(द) 50 एकड़ और 25 इकाइयाँ
👉 उत्तर देखें
निजी पार्क के लिए न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्र और कम से कम 10 औद्योगिक इकाइयाँ आवश्यक हैं।
10औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति 2026 में सिंगल-विंडो मंज़ूरी किस पोर्टल से दी जाती है?
(अ) राज किसान साथी
(ब) जन आधार पोर्टल
(स) राज निवेश पोर्टल
(द) SSO राजस्थान
👉 उत्तर देखें
सिंगल विंडो व्यवस्था के तहत आवेदन और मंज़ूरी राज निवेश (Raj Nivesh) पोर्टल से होती है।
11राजस्थान औद्योगिक विकास नीति 2026 की अधिसूचना किस तिथि को जारी हुई?
(अ) 22 मई 2026
(ब) 1 जून 2026
(स) 5 जून 2026
(द) 18 मार्च 2026
👉 उत्तर देखें
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की अधिसूचना (क्रमांक F.5(11) Industries/1/2026) 1 जून 2026 को जारी हुई।
12अधिसूचना की तिथि से यह नीति कितने वर्ष तक वैध रहेगी (जब तक पहले संशोधित या अधिक्रमित न हो)?
(अ) 3 वर्ष
(ब) 5 वर्ष
(स) 7 वर्ष
(द) 10 वर्ष
👉 उत्तर देखें
नीति अधिसूचना की तिथि से लागू होकर 5 वर्ष तक वैध रहेगी, बशर्ते उससे पहले उसे बदला या अधिक्रमित न किया जाए।
13नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा किस समिति द्वारा और कितने अंतराल पर की जाएगी?
(अ) उद्योग मंत्री की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति – कम से कम हर तिमाही
(ब) मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति – प्रति वर्ष
(स) मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति – हर छह माह
(द) RIICO बोर्ड – हर माह
👉 उत्तर देखें
राजस्थान औद्योगिक नीति निगरानी समिति का गठन उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में होगा और वह कम से कम हर तिमाही नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी।
14निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
(A) नीति में 2047 तक राज्य की अर्थव्यवस्था 4.3 ट्रिलियन डॉलर करने का लक्ष्य है।
(B) वर्ष 2023-24 में राजस्थान का मर्चेंडाइज़ निर्यात ₹83,704 करोड़ था।
(C) 2029 तक मर्चेंडाइज़ निर्यात ₹1.5 लाख करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य है।
(D) नीति में 2028-29 तक अर्थव्यवस्था 1 ट्रिलियन डॉलर करने का लक्ष्य है।
(अ) केवल A और B
(ब) केवल A, B और C
(स) केवल B, C और D
(द) A, B, C और D सभी
👉 उत्तर देखें
A, B और C सही हैं। नीति में 2028-29 तक 350 बिलियन डॉलर का लक्ष्य है, 1 ट्रिलियन का नहीं, इसलिए D गलत है।
15नीति में उल्लिखित पचपदरा रिफाइनरी परियोजना राजस्थान सरकार और किस कंपनी का संयुक्त उद्यम है?
(अ) IOCL
(ब) HPCL
(स) BPCL
(द) ONGC
👉 उत्तर देखें
पचपदरा (बाड़मेर) की रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल परियोजना HPCL और राजस्थान सरकार का संयुक्त उद्यम है। इसके पास रिफाइनरी ज़ोन (RPZ) विकसित किया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
❓ राजस्थान औद्योगिक विकास नीति 2026 क्या है?
❓ नीति के 4G स्तंभ कौन-से हैं?
❓ यह नीति कब तक वैध है?
❓ नीति के मुख्य लक्ष्य क्या हैं?
❓ क्या यह नीति खुद सब्सिडी देती है?
❓ सिंगल विंडो और डीम्ड क्लियरेंस में क्या बदलाव होंगे?
❓ औद्योगिक विकास नीति और औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति में क्या अंतर है?
❓ यह नीति परीक्षा की दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है?
निष्कर्ष
राजस्थान औद्योगिक विकास नीति 2026 4G – Green, Governance, Growth और Globalization – पर टिकी है। परीक्षा के लिए 22 मई 2026 की मंजूरी, 1 जून 2026 की अधिसूचना, 5 वर्ष की वैधता, 350 बिलियन डॉलर और 4.3 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य, ₹1.5 लाख करोड़ का निर्यात लक्ष्य और ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस के सुधार सबसे ज़रूरी हैं।